भिलाई। जिले में नशे के खिलाफ दुर्ग पुलिस की ताबड़तोड़ कार्यवाही लगातार जारी है। जुआ, अवैध गुटखा के बाद दुर्ग पुलिस ने चिट्टा, नशीली दवा पर करवाही की है। शुक्रवार को दुर्ग पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने नशे के दो बड़े मामले का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। दुर्ग पुलिस की टीम ने अमृतसर से तस्कर को दबोच लिया। साथ ही पुलिस ने इसके दो साथियों को भी दबोच लिया है। दुर्ग एसपी जितेन्द्र सिंह ने शुक्रवार को इस पूरे मामले का खुलासा किया है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, नगर पुलिस अधीक्षक (दुर्ग) चिराग जैन, नगर पुलिस अधीक्षक (भिलाई नगर) सत्य प्रकाश तिवारी, एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक तापेश नेताम मौजूद थे।
बता दें वैशाली नगर पुलिस ने पूर्व एनडीपीएस एक्ट के तहत हेरोइन को खपाने वाले रूप सिंह, राजा सिंह, गगनदीप सिंह, प्रवीण दुबे को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में पुलिस को पता लगा कि नशे का मास्टर माइंड शेरा उर्फ शेरसिंह वृंदा नगर कैम्प में रहता है और पंजाब से चिट्टा ला कर भिलाई में उन्हें बेचता है। शेरा उर्फ शेर सिंह को जैसे ही इसकी जानकारी मिली वह फरार हो गया। फरार होने के बाद शहर में हेरोइन का कारोबार बदस्तूर जारी रहा। वह लगातार पंजाब से चिट्टा लाकर राजनांदगांव, भिलाई, दुर्ग में नशे का कारोबार करता रहा। दुर्ग पुलिस टीम शेरा उर्फ शेरसिंह की सरगर्मी से तलाश में जगह जगह छापे मार रही थी।
इस बीच पुलिस को पता चला कि शेरा उर्फ शेर सिंह पंजाब में रह कर नशे का कारोबार कर रहा है। सूचना पर दुर्ग पुलिस की एक टीम को पंजाब रवाना किया गया। मोबाइल नंबर, टावर लोकेशन, सीडीआर के मदद से शेरा उर्फ शेरसिंह का लोकेशन ट्रेस किया। इसके बाद पुलिस की टीम ग्राहक बनकर शेर सिंह के पास पहुंची। इसके बाद पुलिस ने शेर सिंह को दबोच लिया।
पूछताछ में शेरा ने बताया कि वह अमृतसर पंजाब के रहने वाले जोधा सिंह एवं लवप्रीत सिंह से चिट्टा खरीद कर भिलाई लाकर बेचता था। शेरा उर्फ शेरसिंह के निशानदेही पर आरोपी जोधा सिंह एवं लवप्रीत सिंह को अमृतसर से घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपी शेर सिंह के कब्जे से 20 ग्राम, आरोपी जोधा सिंह के कब्जे से 20 ग्राम एवं लवप्रीत सिंह के कब्जे से 15 ग्राम कुल वजनी करीबन 55 ग्राम हेरोइन बरामद किया गया। बरामद हेरोइन की कीमत लगभग 5 लाख रुपए बताई जा रही है। अब तक इस प्रकरण में कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनके पास से 7 लाख रुपए का कुल 66 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है।
कोरियर के माध्यम से हो रही थी नशीली दवाइयां का कारोबार: पुलिस ने नशे के ऑनलाइन कारोबार से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लिया है, यह सभी कोरियर के माध्यम से ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग कर नशीली दवाइयां को बेचा करते थे, तो वहीं आरोपियों के खातों को भी दुर्ग पुलिस ने फ्रीज करवा दिया है।
दुर्ग पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी, कि नशे के सौदागर अब ऑनलाइन माध्यम से नशीली दवाइयां बेच रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने पताशाजी और तलाश शुरू की, तो दुर्ग के ही रहने वाले हार्दिक भोई और दिलीप साहू का नाम सामने आया। जिनके पास से पूछताछ करने पर नशीली दवाइयां का जखीरा बरामद हुआ। जिसके बाद मुख्य आरोपी हार्दिक भोई से जब पूछताछ की गई। तो उसने बताया की नशीली दवाइयां को आरोपी अपने मोबाइल नंबर से ऑनलाइन पेमेंट कर मांगता था, जिसका ट्रांजैक्शन का बाल्टी बैंक डिटेल भी दिया गया। कोरबा के रहने वाले भुवनेश्वर परेड के नाम से यह बैंक डिटेल था। जिसके बाद हार्दिक भोई के मोबाइल से नंबर का डिटेल और कद्र की जानकारी लेकर पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट नंबर पर ऑनलाइन पेमेंट करता है। जिसके बाद पटना के रहने वाले रविशंकर प्रसाद के अकाउंट नंबर पर वह पैसे भेज देता है। जिसके माध्यम से उसे अमेजॉन कोरियर के माध्यम से नशीली दवाई प्राप्त होती है। ऐसी शिव की टीम और थाना पादनापुर की टीम तत्काल बिहार के लिए रवाना हुई। जहां आरोपी रविशंकर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बिहार का निवासी है और किशन यादव से करियर के माध्यम से उसे यह दवाइयां प्राप्त होती है और लाखों रुपए की नशीली दवाइयां हार्दिक भाई और भुवनेश्वर परेड सहित दीपक साहू जैसे लोगों को सप्लाई की जाती है। जिसके बाद पुलिस ने ऑनलाइन पेमेंट करने वाले सभी अकाउंट को फीस कर दिया है, तो वहीं अब इस गैंग के मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।
















