पटना (ए)। दानापुर रेल मंडल के मोकामा-किउल रेलखंड के हाथीदह स्टेशन पर शनिवार सुबह बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन संख्या 08184 दानापुर-टाटानगर सुपर एक्सप्रेस हाथीदह स्टेशन पर ओवर सूट हो गई। यानी सिग्नल लाल होने के बावजूद ट्रेन आगे बढ़ गई। इससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन ने ट्रेन चालक, उप चालक और गार्ड को सस्पेंड कर दिया। ट्रेन करीब दो घंटे तक स्टेशन पर रुकी रही। वहीं, दानापुर रेल मंडल ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि सुबह आठ बजकर 14 मिनट पर हाथीदह स्टेशन पर दानापुर-टाटानगर सुपर एक्सप्रेस होम सिग्नल को पार कर आगे निकल गई। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर उसे रोका गया। बाद में ट्रेन को वापस पीछे स्टेशन पर लाया गया। इस घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए लोको चायलट व असिस्टेंट को हाथीदह स्टेशन पर ही उतार दिया। यात्रियों ने बताया कि इंजन के साथ पांच बोगियां प्लेटफॉर्म से बाहर निकल गईं। ट्रेन के आगे बढ़ने के बाद गलती का एहसास होने पर चालक ट्रेन को पीछे कर स्टॉपेज प्वाइंट पर ले आए।
घटना की सूचना दानापुर रेल मंडल कंट्रोल को दी गई। कंट्रोल के निर्देश पर ट्रेन के चालक, उपचालक और गार्ड को हाथीदह स्टेशन पर उतार दिया गया। किऊल जंक्शन से दूसरे गार्ड, चालक, उपचालक आए, तब ट्रेन को आगे रवाना किया गया। वहीं, मोकामा से आई मेडिकल टीम ने चालक, उपचालक और गार्ड की मेडिकल जांच की और तीनों का ब्लड सैम्पल लिया। रेलवे ने कार्रवाई करते हुए गार्ड एमआई सिद्दीकी, चालक आरपी श्रीवास्तव एवं उप चालक बृजमोहन पासवान को निलंबित कर दिया है।
तीन माह से दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन से झाझा के बीच ट्रेनों की गति सीमा 130 किमी प्रति घंटे की गई है। हाथीदह स्टेशन में दो ही लाइन अप और डाउन हैं। मेन लाइन में ही प्लेटफॉर्म है। इस कारण ट्रेनें प्लेटफॉर्म में घुसने के समय काफी तेज रहती हैं। सिग्नल को पार करने वाली सुपर एक्सप्रेस की गति भी 90 किमी के आसपास थी। स्टेशन मास्टर की चेतावनी के बाद भी गाड़ी नहीं रुकी, तो हाई फ्रिक्वेंसी सिस्टम के माध्यम से चालक को गाड़ी रोकने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उप चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोकी।









