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मध्य इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2020 में छत्तीसगढ़ की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी का उल्लेख

रायपुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार,  विज्ञान भारती के सहयोग से दिनांक 22 से 25 दिसम्बर 2020 के मध्य इंण्डिया इंटरनेशनल साईंस फेस्टिवल 2020 का छठवें संस्करण का आयोजन वर्चुवल मोड पर नई दिल्ली में किया गया। इसी कड़ी में 23 दिसम्बर 2020 को ’’स्टेट साईंस एण्ड टेक्नोलॉजी मिनिस्टर्स कान्क्लेव’’ का आयोजन किया गया। इस कान्क्लेव में विभिन्न राज्यों से उपस्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों के मंत्रियों की उपस्थिति में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा 32 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषदों को 6 जोन में बांटते हुए प्रत्येक जोन द्वारा संबंधित राज्यों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों का प्रदर्शन किया गया।

    सेन्ट्रल जोन के तहत छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश में स्थापित छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद का संयुक्त प्रदर्शन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा छत्तीसगढ़ रीजनल साईस एण्ड सोसायटी के महानिदेशक मुदित कुमार सिंह द्वारा किया गया। दोनों संस्थाओं द्वारा विज्ञान लोकव्यापीकरण, अनुसंधान एवं विकासीय, बौद्धिक संपदा अधिकार, नवप्रर्वतन एवं रिमोट सेन्सिग के क्षेत्रों में किये गये उल्लेखनीय कार्यों तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं द्वारा प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कान्क्लेव में अन्य जोन के परिषदों द्वारा मुख्य रूप से कोविड-19 संक्रमण पर कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम, नवप्रर्वतन योजना, महिला उद्यमी विकास कार्यक्रम, कृषि उद्यान पशुधन तथा प्रदेश की नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना आदि क्षेत्रों में किये गये महत्वपूर्ण कार्यो का उल्लेख किया गया।

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