

भिलाई। श्रीरामजन्मोत्सव समिति, भिलाई ने शुक्रवार को रंगोली प्रतियोगिता में विजेताओ को पुरस्कृत किया। अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम के दिन 5 अगस्त को श्रीरामजन्मोत्सव समिति, भिलाई ने रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया था। जिसमे छत्तीसगढ़ के कई प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जिसमे विजेताओं रहे प्रतिभागियों को आज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय के मुख्यातिथि में पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के अवसर पर उनके तैलय चित्र पर पुष्पहार चढ़ा कर किया गया।
श्रीराम जन्मोत्सव समिति युवा विंग के अध्यक्ष मनीष पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरे विश्व के प्रेरणास्रोत रहे अटल जी के जन्मदिन के अवसर पर आज हम सभी यहां सम्मिलित हुए है। श्रीराम जन्मोत्सव समिति पिछले पैंतीस वर्षो से रामजी के जन्मदिन को बड़े धूमधाम से मनाती आ रही है, हमारी सोच रहती है कि हम समाज के साथ साथ चले, इस कोरोना काल मे समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए गरीब परिवार तक पहुंचाई उनको मैं धन्यवाद देता हूं। इस समिति की शुरूआत राममंदिर निर्माण के लिए हुआ था। कोरोना काल के कारण हम इस बार रामनवमी नही मना पाएं उनको हम रंगोली के माध्यम से मनाए जिसमे जगदलपुर, बालोद, बेमेतरा, नवागढ़ सहित छत्तीसगढ़ के 585 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन भाग लिया जिसमे 50 विजेता रहे उन्हें आज पुरस्कार वितरण किया जा रहा है। आज भारत हिन्दू राष्ट्र की ओर जा रहा है तो वह सोच थी अटल जी की, उन्होंने पोखरण परीक्षण से युवाओं को शक्ति से अवलोकन करवाया, उन्होंने जो किया वह पूरा विश्व देखते रह गया। धारा 370 हटाने, प्रधानमंत्री सड़क योजना, संचार यह सब अटल जी की देन है। आज भिलाई और छत्तीसगढ़ दिशाहीन हो गया है,आज हम सब सेक्टर 10 के इस गणेश मंच से अटल संकल्प ले कि इस दिशाहीन सरकार और दिशाहीन लोगो को दिशा दिखाने का काम श्रीरामजन्मोत्सव समिति करेगी।
समिति के संरक्षक व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए अटल जी के समय बिताये हुए अपने दिनों को याद किया और बताया कि कवि, लेखक, संपादक, राजनीतिज्ञ सहित अनगिनत इतने सारे गुणों को भगवान ने किसी एक व्यक्ति को दिया है वो हमारे मार्गदर्शन अटल जी है। ईशा महीस ने भी आज जन्म लिया था, वह समाज को एक सही दिशा में लेजाना चाहते थे उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। हिंदुस्तान में कोई ऐसी समिति नही होगी जो लगातार पैंतीस वर्षो से राममंदिर निर्माण के लिए लोकजागरण का कार्य करती रही। भगवान राम का मन्दिर तो कई जगह है लेकिन अयोध्या का राम मंदिर राष्ट्र मंदिर का निर्माण होगा, राष्ट्र निर्माण का केंद्र बिंदु होगा। भगवान श्रीराम घट-घट में है कण-कण में है। भगवान राम और ईशा मसीह को किसी ने नही देखा पर अटल जी को सबने देखा है, अटल जी की ज 96वां जयंती है, हमने उनको देखा, उनके काम को देखा। अटलजी का नाम सुनकर ही मैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में काम करने आया था। एव्हिबीपी को हम अटल बिहारी वाजपेयी पार्टी के नाम से जानते थे।


श्रीपाण्डेय ने कहा कि सन 1980 में भाजपा का पहला अधिवेशन बॉम्बे में हुआ था। पहला अधिवेशन मो.करीम छागड़ा के नेतृत्व में हुआ। मुझे उस अधिवेशन में जाने का सौभाग्य मिला था। अटलजी को देखने और सुनने का इतना क्रेज था कि उत्तर प्रदेश के देवरिया में अटल जी की सभा होनी थी हम तीन-चार दोस्तो ने जाने का निर्माण किया, उस वक्त इंदिरा गांधी की सरकार थी। अटल जी के कार्यक्रम में लोग न जाये करके छपरा-गोरखपुर ट्रेन को रद्द कर दिया गया। हमलोगों ने रेल्वे ट्रैक पकड़कर पैदल ही सभा मे गए और देर रात घर पहुंचे। यह एक जुनून था अटलजी को सुनना और देखना है,हमारी वापसी मालगाड़ी में हुई थी। जब वर्ष 1987 के चुनाव में जब भाजपा की दो सीट आई थी तब सेक्टर पांच के आंध्रा भवन में आये थे तब हमने निर्णय लिया था कि अटलजी को उनके वजन को खून से तौलेंगे और यह देश की पहली घटना थी। वर्ष 2004 में मेरे लिए सौभाग्य की बात थी कि मैं विधानसभा अध्यक्ष था विदेश जा रहा था तब अटलजी से पैंतालीस मिनट बात करने का सुनहरा मौका मिला। श्रीराम और रामायण प्रेरणा देने और लोगो को जीने के लिए है। जो कभी श्रीराम को काल्पनिक मानते थे वो माता कौशल्या और प्रभु श्रीराम के चरणों मे आज शीश झुका रहे है। भिलाई विद्यालय में यह जो मंच बना है वह 1991 में अटलजी के कार्यक्रम के लिए बना था। जो लोग हमलोगों को मुस्लिम विरोधी बोलते है यह नही जानते कि अटलजी ने ही पाकिस्तान से ट्रेन यात्रा और बस यात्रा की शुरूआत की थी। अटलजी बहुत ही संवेदनशील और उदार हृदय के थे लेकिन उनके फैसले हमेशा कठोर रहते थे। हमारे सहृदयता को हमारी कमजोरी न समझे। भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम थे पर समुंद्रदेव ने जब तीन दिन आराधना करने के बाद भी रास्ता नही दिया तो उन्होंने धनुष बाण उठाया था, जब मुशर्रफ ने बात नही मानी थी तो उसे राजस्थान गए बिना आगरा से ही अटलजी ने बैरंग वापस लौटा दिया था, मोदीजी एयर स्ट्राइक करना भी जानते है। हमे सिर्फ एक समुदाय के खिलाफ विपक्ष ने पेश किया है जबकि यह गलत है। जम्मू कश्मीर में धारा 370 को लेकर विपक्ष ने कितना कुछ कहा लेकिन हाल में हुए डीडीसी के चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है वहा के मुसलमानों को टिकट मिला है वह जीते है।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से श्रीराम जन्मोत्सव समिति युवा विंग के अध्यक्ष मनीष पांडेय, भिलाई निगम सभापति श्यामसुंदर राव, सेवक राम साहू, बुद्धन ठाकुर, विष्णु पाठक, चिन्ना केशवलु, रमेश माने, संजय दानी, मंजू दुबे, पार्षद रिंकू साहू, जोगिंदर शर्मा, दिलीप केशरवानी, बसंत प्रधान, पप्पू तिवारी, मदन सेन, ललन मिश्रा, प्रवीण पांडेय, तिलकराज सहित बड़ी संख्या श्रीराम जन्मोत्सव समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।









