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आने वाले तीन दिनों में छत्तीसगढ़ सहित 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी 15 सितंबर तक जमकर मेघ बरसेंगे…

 

नईदिल्ली (ए)। उत्तर पश्चिम, पूर्व, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। राजस्थान के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। छत्तीसगढ़ में भी लगातार बारिश होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और पानी में घिरे 50 लोगों को सुरक्षित बचाया है। अभी कम से कम तीन दिन मौसम की मार से राहत नहीं मिलने वाली है, क्योंकि मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी 15 सितंबर तक जमकर मेघ बरसेंगे। 15-17 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में, मध्य महाराष्ट्र में 12 सितंबर को, असम और मेघालय में 13 और 14 सितंबर कर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में भी 15 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत हरिद्वार, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले में बिजली चमकने के साथ भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने बाढ़ में फंसे 50 से अधिक लोगों को बचाया है। जल स्तर में वृद्धि के चलते कई जलाशयों और बांधों से पानी छोड़ा गया है। इसके चलते जलाशयों और बांधों के किनारे वाले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है।

दुर्ग जिला में अब तक 625.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज: 01 जून से 11 सितंबर तक 625.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 971.8 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 443.8 मिमी धमधा तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 586.3 मिमी, तहसील बोरी में 499.3 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 602.2 मिमी और तहसील अहिवारा में 649.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 11 सितंबर को तहसील दुर्ग में 2.4 मिमी, तहसील धमधा में 10.7 मिमी, तहसील पाटन में 0.0 मिमी, तहसील बोरी में 28.1 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 15.4 मिमी एवं तहसील अहिवारा में 30.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

भारी बारिश के चलते बीते दिनों सुकमा जिले में नदियों में उफान आ गया था और 500 से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे। जलस्तर बढ़ने से राजस्थान में अना सागर एस्कैप नगर के गेट खोलने पड़े हैं। इसके चलते अजमेर के हाथी भाटा, ब्रह्मपुरी और शिवपुरी इलाकों में भारी जलजमाव हुआ है।

दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। दिल्ली में सितंबर माह में अब तक बीते 10 दिन बारिश हुई है। इस वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 32.6 और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भी अच्छी बारिश  की संभावना जताई है। ऐसा मानसून टर्फ का दिल्ली के करीब होने के कारण होगा। 12 सितंबर को तो बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस कारण से कुछ इलाकों में तेज बारिश की संभावना है और 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा भी चलेगी।

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