रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एक फोन कॉल पर समस्या का समाधान हो रहा है। आरंग के बकतरा निवासी सुशील कुमार मनहरे ने एक निजी अस्पताल प्रबंधन पर इलाज के दौरान ज्यादा राशि लिए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि डीडीनगर स्थित ग्लोबल स्टार अस्पताल में अपने 51 वर्षीय पिता छक्कन दास मनहरे की तबीयत खराब होने पर भर्ती कराया था।
उनका आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने 82 हजार रूपए वसूला। जबकि बिल महज 21828 रूपए का दिया। उन्होंने बाकी के पैसों का हिसाब पूछा, तो अस्पताल प्रबंधन ने बताने से मना कर दिया। जिसको लेकर मरीज के परिजनों ने कलेक्टोरेट के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए संबंधित अस्पताल से मामले की जानकारी मांगी गई।
जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने गलती मानी साथ ही मरीज के परिजनों को इलाज के दौरान ज्यादा ली गई राशि 60 हजार रूपए को नगद वापस कराया। समस्या का निदान होने पर मरीज के पुत्र सुशील कुमार मनहरे सहित परिजन काफी खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार जताया। ज्ञात हो कि गत दिनों ही एक फोन पर प्राइवेट हॉस्पिटल से 1.34 लाख रुपए वापस मरीज के परिजनों को वापस करवाया गया था।
आवेदन पत्र पर हुआ हस्ताक्षर: जिले के सेमरा निवासी कन्हैया लाल निषाद ने अपने बच्चे के आवेदन पत्र पर प्रधान पाठक द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए जाने की शिकायत की थी। उनका कहना है कि उनके बच्चे ने नवोदय विद्यालय में एडमिशन के लिए आवेदन दिया था। जिसमें प्रधान पाठक का हस्ताक्षर चाहिए था।
लेकिन प्रधान पाठक का हस्ताक्षर नहीं हो पा रहा था। जिससे बच्चे के एडमिशन में परेशानी आ रही थी। उन्होंने कलेक्टोरेट के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और जहां से उनकी समस्याओं का निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग को जानकारी दी गयी।
जिसके बाद प्रधान पाठक का हस्ताक्षर आवेदन पर हो गया। समस्या का निदान होने पर श्री निषाद काफी खुश है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति भी आभार जताया।
















