रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा तीन दिव्यांगों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की। इस अवसर पर दिव्यांग कोमल लहरे, सना परवीन, और ठगिया साहू ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।
रायपुर जिले के चौरसिया कॉलोनी की 18 वर्षीय सना परवीन, ग्राम सेरीखेड़ी की निवासी कोमल लहरे, और धमतरी जिले के ग्राम कचना के निवासी ठगिया साहू को पहले आने-जाने के लिए अपने परिजनों या किसी अन्य व्यक्ति का सहारा लेना पड़ता था। मोटराइज्ड ट्राई साइकिल मिलने के बाद अब उन्हें गांव के भीतर और बाहर आने-जाने में और अपने कामों को पूरा करने में सुविधा होगी।
दिव्यांग कोमल लहरे ने बताया कि उनके पास पहले एक ट्राई साइकिल थी, जो अब खराब हो चुकी है। आज जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा बैटरी चलित ट्राई साइकिल मिलने से अब उन्हें अपने व्यवसाय के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का मौका मिलेगा। वे ग्राम सेरीखेड़ी में आलू-प्याज बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले तीनों व्यक्तियों को ऑटोमेटिक ट्राई साइकिल प्रदान की गई है, ताकि वे अपने रोजमर्रा के कार्यों को सरलता से कर सकें और स्व-रोजगार के माध्यम से अपना जीवनयापन कर सकें।
दिव्यांग रूपेश को मिली पचास हजार रुपए की सहायता राशि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवास परिसर में आयोजित जनदर्शन में आए दिव्यांग रूपेश कुमार साहू को शिक्षण, प्रशिक्षण और व्यवसाय के लिए 50 हज़ार रूपए आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की। इस घोषणा से रूपेश की खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाले संघर्षाे को हँसते हुए सामना करना अब उनकी दिनचर्या में शामिल है। भानसोज निवासी दिव्यांग रूपेश कुमार साहू कठिनाईयों का हँसते हुए सामना कर अपने दो भाइयों के साथ-साथ अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत करने में भूमिका निभा रहे हैं। ऑटोपार्ट्स दुकान का संचालन कर एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने में लगे हुए हैं।
दिव्यांग रूपेश साहू भूमिहीन परिवार से है। उनके पिता पुष्कर साहू मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण किया। वर्ष 2018 में रूपेश की मां की मृत्यु होने पर बच्चों के पालन पोषण में की जिम्मेदारी पिता पर आ गई। रूपेश दिव्यांग होने के कारण उनके पालन पोषण में परेशानियों का सामना करना पड़ा। दिव्यांग रूपेश पढ़ाई में बेहतर था, उन्होंने बी. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। अपनी दिव्यांगता को कमजोरी न मानकर उसने अपने हौसलें को कभी टूटने नहीं दिया। उन्होंने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का हर संभव प्रयास किया। वर्तमान में वे ग्राम कोसरंगी में अपने दो भाइयों के साथ ऑटोपार्ट्स दुकान का संचालन कर रहे हैं।
जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे दिव्यांग रूपेश की दास्तान की सुनकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें 50 हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों मिली आर्थिक मदद ने रूपेश के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण जगाई है। अब वे अपने व्यवसाय को और भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे और अपने साथ भाईयों के भविष्य को सुरक्षित कर सकेंगे।
















