महादेव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक व अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने पर मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती है। साथ ही धन लाभ के योग बनते हैं…
वाराणसी (ए)। सावन का तीसरा सोमवार व्रत आज यानी 5 अगस्त 2024 को रखा जा रहा है। ये दिन देवों के देव महादेव को अति प्रिय है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में खुशियों का वास होता है। साथ ही सभी बिड़गे कार्य भी बनने लगते हैं। ऐसे में महादेव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक व अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने पर मनचाहे परिणामों की प्राप्ति होती है। साथ ही धन लाभ के योग बनते हैं।
आज यानी सावन के तीसरे सोमवार पर व्यतीपात योग सुबह 10: 38 ए एम तक रहने वाला है, उसके बाद से वरीयान प्रारंभ हो जाएगा। वहीं इस दिन उपवास रखने का भी विधान है। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं। इस दौरान भगवान शिव की पूजा का खास महत्व होता है, इसलिए पूजा को हमेशा संपूर्ण विधि के साथ करना चाहिए। इसी कड़ी में आइए भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि, आरती और कुछ खास मंत्रों के बारे में जान लेते हैं।
पूजन विधि
सावन के तीसरे सोमवार पर सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। फिर साफ वस्त्रों को धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल पर जाकर सबसे पहले विधिपूर्वक भगवान शिव का अभिषेक करें। फिर उन्हें फल, पुष्प, धूप, बेलपत्र, अक्षत आदि चीजें अर्पित करते जाएं। इसके बाद घी का दीपक जलाएं।
सभी चीजों को अर्पित करने के बाद अंत में शिव जी की आरती करें। इसके बाद दोनों हाथ जोड़कर महादेव से सुख-समृद्धि की कामना करें। इस दौरान दान करना अधिक शुभ होता है। आप अपनी श्रद्धानुसार जरूरतमंद लोगों को दान करें।
अर्पित करें ये चीजें
सावन के तीसरे सोमवार पर शिवलिंग पर शहद चढ़ाना चाहिए। इससे व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा बेलपत्र चढ़ाने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति के योग बनते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव को शुद्ध घी, गंगाजल, धतूरा, चंदन और फल जरूर अर्पित करना चाहिए।
भगवान शिव के प्रभावशाली मंत्र
ओम साधो जातये नम:।। ओम वाम देवाय नम:।।
ओम अघोराय नम:।। ओम तत्पुरूषाय नम:।।
ओम ईशानाय नम:।। ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।।
- सावन के तीसरे सोमवार पर गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें। माना जाता है कि इससे सफलता के योग का निर्माण होता है।
- सावन के तीसरे सोमवार पर महादेव को केसर अर्पित करें। ऐसा करने से नौकरी-व्यापार में लाभ की संभावना बढ़ जाती है।
- इस दौरान जरूरतमंदों को भोजन कराने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
















