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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को छात्र ने भेंट की स्केच पोर्ट्रेट, सीएम ने दिया शुभाशिर्वाद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आरंग में आयोजित आश्रम छात्रावास लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान नवमी कक्षा के छात्र हर्ष गिलहरे ने अपने हाथों से बनाई स्केच पोर्ट्रेट भेंट की। हर्ष की भेंट पाकर मुख्यमंत्री ने उसे शुभाशिर्वाद दिया और उसे मन लगाकर पढ़ाई करने की समझाईश दी।

मुख्यमंत्री ने हर्ष से कहा कि उसके पास केवल एक पेंसिल से किसी की हू-ब-हू तस्वीर बनाने (स्केच) बनाने का अनूठा हुनर है और खूब अभ्यास कर इसको निखारना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रैक्टिस से परफेक्शन आता है, उसकी बारीकियाँ पता चलती है।

लगातार प्रैक्टिस करके वो एक अच्छा स्केचमेकर बनकर देश-दुनिया में अपना और अपने प्रदेश का नाम रोशन कर सकता है। हर्ष गिलहरे रायपुर के डीडी नगर स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2 का कक्षा नौंवी का छात्र है।

1370 बच्चों का कराया गया स्वर्णप्राशन: दिन भर लगातार बारिश और झड़ी के बीच आज स्वर्णप्राशन के लिए अभिभावक बड़ी संख्या में बच्चों को लेकर रायपुर के आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय पहुंचे। बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए यहां आज 1370 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया।

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है।

महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802 और 8 जुलाई को 1342 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।

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