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नये- नये ठगी के तरीको से बचाव हेतु एसपी योगेश पटेल ने आम नागरिकों से जारी की अपील

आम नागरिक सतर्क रहकर करें ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन,किसी संदिग्ध गतिविधि की आशंका होने पर तत्काल नजदीकी थाना/चौकी मे दर्ज करवाये अपनी शिकायत…

अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस द्वारा जारी अभियान “ऑपरेशन विश्वास” के तहत आमनागरिकों कों साइबर ठगी के नये नये तरीको से जागरूक कर ठगी से बचाव करने पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल द्वारा अपील जारी की गई हैं, पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने अपील जारी करते हुए कहा कि इंटरनेट की सहायता से जहां लोगों के काम आसान हुए हैं वहीं ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढे हैं, अलर्ट रहने के बावजूद भी लोग ऑनलाइन ठगी के शिकार हो रहे हैं, ठगों द्वारा लोगो को कई प्रकार के झांसे देकर धोखे से अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाकर ऑनलाइन ठगी की जा रही हैं, ठगी करने के लिए जालसाज नये नये तरीके ईजाद कर रहे हैं, लेकिन थोड़ी से सावधानी आपकी मेहनत की कमाई बचा सकती है, साइबर ठगी के नये तरीकों और उनसे बचाव पर आमनागरिकों कों सतर्क रहने एवं साइबर ठगी से बचने के विभिन्न सुरक्षात्मक उपाय पर अपील के माध्यम से आवश्यक जानकारी साझा किया गया हैं।

साइबर ठगों द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड का एक नया तरीका सामने आया है, जिसमें ठग बाहर पढ़ने गए बच्चों के सम्बन्ध मे कई जानकारिया इकठ्ठी कर अभिभावकों कों फ़ोन कर बच्चों कों किसी पुलिस केस मे फसने अथवा बच्चों का एक्सीडेंट होने के नाम पर बच्चों का नाम इस्तेमाल करके अभिभावकों कों भावनात्मक धमकी देकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से भारी भरकम रकम ठगी करने का प्रयास कर रहे है, ऐसे अनजाने कॉल एवं ठगों से सतर्क रहने की आवश्यकता हैं, किसी भी अपरिचित व्यक्ति कों ऑनलाइन रकम लेन देन करने से पहले बच्चे से सम्पर्क कर घटना की जानकारी प्राप्त करें, बच्चों से सम्पर्क ना हो पाये तो बच्चे के दोस्त, लोकल पहचान वाले व्यक्ति, मकान अथवा रूम मालिक, स्कूल, कॉलेज से जानकारी प्राप्त करें, सम्पर्क नही होने पर नजदीकी थाना/चौकी मे अपनी शिकायत दर्ज करवाये, एवं पुलिस सहायता प्राप्त करें ठग भावनात्मक धमकी देकर ठगी का प्रयास करते हैं।

आजकल साइबर ठगों द्वारा अभिभावकों कों उनके बच्चों के नशे के अपराध मे फसे होने की फर्जी सूचना देकर फर्जी पुलिस अधिकारी होना बताते हुए केस से मुक्त करने के ऐवज मे भारी भरकम रुपये की मांग कर ठगी की घटना कारित की जाती हैं, ऐसे मामलो मे अभिभावक फर्जी फ़ोन कॉल करने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल नजदीकी थाना/चौकी मे प्रदान करें।

सेक्सटार्सन के जरिए साइबर क्रिमिनल लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं, साइबर ठगों द्वारा पहले लोगों से सोशल मीडिया साईट पर परिचय करते हैं, फिर इंटरनेट कॉलिंग, व्हाट्सअप कॉलिंग के जरिये विडियो कॉल करते हैं और फिर साइबर ठगों द्वारा अनजान व्यक्तियों के कई तरह की बातें करते हुए क्लिप या फोटो ले लेते हैं। इसके बाद साइबर ठगों द्वारा फोटो विडिओ कों एडिट कर सगे सम्बन्धियों एवं जानपहचान के व्यक्तियों में वायरल करने की धमकी देकर अपने खातों मे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर पैसे वसूलते हैं। या फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए लड़की की शिकायत पर कार्यवाही करने की धमकी देते हुए लोगो से सेक्सटार्सन कर ठगी की घटना को अंजाम देते हैं ऐसे मामलो से बचने हेतु अपना सोशल मीडिया साईट लॉक कर रखे, अनजान व्यक्तियों से मित्रता ना करें, किसी भी प्रकार की वॉइस कॉलिंग या विडिओ कॉल स्वीकार ना करें, अगर सावधानी पश्चात भी ऐसी घटना होती हैं तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना से सम्पर्क करें एवं किसी भी प्रकार की ठगी से बचे ऐसे अनचाहे अनजान कॉल आपकी ठगी का प्रमुख कारण हो सकते हैं।

साइबर ठगों द्वारा भोले भाले ग्रामीणों कों कौन बनेगा करोड़पति मे भारी भरकम प्राइज मनी जितने की बात बोलकर झांसे में लेकर प्रोसेसिंग फीस एवं टैक्स के नाम पर ठगी कारित करते हैं, आमनागरिक ऐसे झासो से दूर रहकर ऐसे ऑनलाइन सूचना, फर्जी लेटर एवं फर्जी कॉल पर ध्यान ना देवे, साइबर ठग बड़ी ईनाम राशि जीतने की बात बोलकर आपके मेहनत की कमाई की ठगी कारित करते हैं, ऐसे फर्जी सूचनाओं की जानकारी आमनागरिक नजदीकी थाना/चौकी पर तत्काल देवे।

फर्जी वेबसाईट के माध्यम से कम्पनी की फ्रेंचायजी देने का झांसा देकर लोगो कों बड़ी रकम की ठगी के मामले भी सामने आते हैं, ऐसे मामलो मे कम्पनी की वास्तविक मेल आईडी एवं ओरिजनल वेबसाईट की जांच कर कम्पनी से सम्पर्क करने मे सावधानी बरते, ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन मे सतर्कता ही बचाव हैं, साथ ही ऑनलाइन लेन देन सम्बन्धी मामलो मे रकम प्राप्त करने वाले व्यक्ति से मौक़े पर जाकर स्थिति की जांच कर ले पूर्ण सत्यता जांच पश्चात ही किसी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करें।

• किसी भी क्यूआर कोड और यूपीआई पिन का उपयोग सिर्फ पेमेंट करने के लिए होता है, राशि प्राप्त करने के लिए नहीं। ठग आजकल क्यूआर कोड भेजकर ठगी कर रहे हैं।

• अनचाहे मैसेज लिंक को ओपन ना करें, ना ही ओटीपी शेयर करें।

• एटीएम पिन और इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी से साझा ना करें और समय-समय पर बदलते रहें।

• डेबिट-क्रेडिट कार्ड के सीवीवी नंबर को मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के समय हाइड करके रखें।

• अनजान लिंक्स पर क्लिक करने से बचें, अनजान व्यक्ति द्वारा कोड, ओटीपी या पिन पूछने पर ना बताएं।

• किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने मोबाइल में किसी भी तरह के एप्लिकेशन इंस्टॉल करने से बचें।

• गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च ना करें,सिर्फ कम्पनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही सर्च करें,ऑफर, कैशबैक या डिस्काउंट आदि के लिए कूपन कोड या अन्य किसी लालच में फंसने से बचें।

• ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग संबंधी फ्रॉड होने पर तुरंत बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत करें।

• साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव है।

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