प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात को लेकर अमेरिका ने भारत से अपील की है। अमेरिका ने भारत से यूक्रेन की संप्रभुता के मुद्दे पर रूस से बात करने के लिए कहा है…
नईदिल्ली (ए)। संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता पर जोर देने के लिए कहा है। पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर अमेरिका ने अपील की है कि भारत यूक्रेन की संप्रभुता के मुद्दे पर रूस से बात करे। अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “रूस के साथ संबंध रखने वाले किसी भी देश की तरह हम भारत से यह स्पष्ट करने का आग्रह करेंगे कि यूक्रेन में संघर्ष का कोई भी समाधान ऐसा होना चाहिए जो यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता, यूक्रेन की संप्रभुता के संबंध में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करता हो।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत हमारा एक रणनीतिक साझेदार है जिसके साथ हम पूर्ण और स्पष्ट बातचीत करते हैं और इसमें रूस के साथ संबंधों के बारे में हमारी चिंताएं भी शामिल हैं। हालांकि मिलर ने कहा कि वह पीएम मोदी की रूस यात्रा के बारे में भारत के साथ विशेष बातचीत से अनजान थे।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं, भारत को चीन के सामने एक शक्तिशाली भागीदार के रूप में देखते हुए राष्ट्रपति जो बिडेन ने एक साल पहले पीएम मोदी को अमेरिकी यात्रा के लिए आमंत्रित किया था।
लंबे समय से चले आ रहे भारत-रूस के मित्रतापूर्ण संबंधों की जड़ें बहुत गहरी हैं। अलग-अलग दौर में अलग-अलग नेताओं ने दोस्ती के इस वटवृक्ष को सींचा है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय से ही भारत-रूस संबंधों की मजबूती के कड़ी बने रहे हैं। 6 नवंबर, 2001 को मोदी पहली बार रूस गए, तब वे गुजरात के सीएम थे। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भारत-रूस शिखर सम्मेलन के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर पहली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले।
2019 में मोदी बतौर पीएम रूस गए, तो उन्होंने गुजरात के सीएम के तौर पर की गई अपनी रूस यात्रा को याद करते हुए कहा था, मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री थे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपेक्षाकृत नया था, इसके बावजूद राष्ट्रपति पुतिन बेहद सम्मान से पेश आए, जिससे दोनों नेताओं के बीच स्थायी दोस्ती का द्वार खुला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को मॉस्को के वानुकोवो-2 हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। पुतिन प्रशासन के वरिष्ठतम अधिकारी फर्स्ट डिप्टी-पीएम डेनिस मांतुरोव पीएम की अगवानी करने एयरपोर्ट पहुंचे। इस स्वागत में भारत-रूस मजबूत संबंधों को लेकर चीन के लिए संकेत भी छिपा है। गत वर्ष जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस के राजकीय दौरे पर आए थे, तो उनकी अगवानी इसी एयरपोर्ट पर जूनियर डिप्टी पीएम दिमित्री चेनीशको ने की थी।
मांतुरोव का निजी तौर पर एयरपोर्ट तक पहुंचकर पीएम मोदी का स्वागत करना और फिर एक ही कार में पीएम मोदी के साथ उन्हें उनके होटल तक छोड़कर आना रूस की तरफ से भारत के साथ संबंधों को दिए जाने वाले महत्व को लेकर एक स्पष्ट और मजबूत संदेश है। राष्ट्रपति पुतिन के प्रशासन में मांतुरोव असल में पुतिन के बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ और ताकतवर नेता हैं। मोदी की अगवानी में चीन के लिए संदेश भी है।
इसके बाद, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को होने वाली बैठक से पहले पीएम नरेंद्र मोदी को अपने आधिकारिक आवास पर भोजन के लिए आमंत्रित किया। पीएम मोदी के सोमवार शाम को नोवो-ओगारियोवो स्थित सरकारी आवास पर पहुंचने पर पुतिन ने गले मिलकर और हाथ मिलाकर स्वागत किया। यहां दोनों नेताओं के बीच दोस्ती की खास जुगलबंदी दिखी। एक ओर मोदी ने आमंत्रण के लिए पुतिन को धन्यवाद दिया तो दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति ने पीएम के काम करने के जज्बे की तारीफ की। वहीं, रात्रिभोज के बाद पीएम मोदी और पुतिन की कई मुद्दों पर बातचीत हुई।
शीत युद्ध के समय से रूस और भारत के पुराने रिश्ते हैं
रूस के साथ भारत का शीत युद्ध समय से ही पुराना रिश्ता है। यूक्रेन से युद्ध के बाद भारत ने रूस पर प्रतिबंधों में शामिल होने से इनकार कर दिया था और इसके विपरीत भारत ने सस्ती ऊर्जा आयात के लिए रूस का रूख किया है।
PM मोदी को बैठाकर पुतिन ने खुद ड्राइव की गाड़ी
प्रधानमंत्री मोदी के रात्रिभोज के लिए सरकारी आवास पर पहुंचने पर रूसी राष्ट्रपति ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद पुतिन ने पीएम मोदी को इलेक्ट्रिक कार में बैठाकर अपने सरकारी आवास के आसपास सैर कराई। इस दौरान पुतिन ने खुद ही गाड़ी ड्राइव की।
















