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बाबा के सत्संग से निकलने के लिए मची भगदड़: महिला, बच्चो सहित 120 की गई जान

हाथरस जिले में भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई। अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। जिनके शव एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जबकि कुल मृतकों की संख्या 120 बताई जा रही है। जिनके शव अलीगढ़ भेजे गए हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है…

 

हाथरस (ए)। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के फुलरई गांव में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां भोले बाबा का सत्संग चल रहा था। बताया गया है कि सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। इस भगदड़ में महिलाएं और बच्चे बुरी तरह कुचलते चले गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में कई लोगों की मौत होने की आशंका है। घायलों को मेडिकल कॉलेज एटा भेजा गया है, अब तक 27 लोगों की मौत की खबर है। जिनके शव एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जबकि कुल मृतकों की संख्या 120 बताई जा रही है। जिनके शव अलीगढ़ भेजे गए हैं। वहीं सीएम योगी ने भी हादसे का संज्ञान लिया है।

हाथरस जनपद में सिकंदराराऊ थाना अंतर्गत फुलरई मुगलगढ़ी के एक खेत में साकार हरि बाबा का एक दिवसीय सत्संग चल रहा था। वहां पर बच्चों के साथ महिलाएं और पुरुष बाबा का प्रवचन सुन रहे थे। लगभग पौने दो बजे सत्संग खत्म हुआ, बाबा के अनुयायी बाहर सड़क की ओर जाने लगे।

लगभग 50 हजार की संख्या में अनुयायियों को सेवादारों ने जहां थे, वहीं रोक लिया। सेवादारों ने साकार हरि बाबा के काफिले को वहां से निकाला। उतनी देर तक वहां अनुयायी गर्मी और उमस में खड़े रहे। बाबा के काफिले के जाने के बाद जैसे ही सेवादारों ने अनुयायियों को जाने के लिए कहा, वहां भगदड़ की स्थिति बन गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गर्मी, उमस और भीड़ में दम घुटने से अनुयायी वहीं पर बेहोश होकर गिर गए। बताया जा रहा है कि हादसे में अब तक 120 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने और घायल होने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है, साथ ही बच्चों के भी हताहत होने की जानकारी मिल रही है। हादसे के बाद घायलों को सिकंदराराऊ सीएचसी और एटा की ओर एम्बुलेंस से उपचार के लिए भेजा गया।
सिकंदराराऊ में हुए हादसे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। इमरजेंसी से लेकर पोस्टमार्टम हाउस में स्टाफ को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के अलग-अलग स्थानों से एम्बुलेंस को घटना स्थल के लिए भेजा गया है।

एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह के मुताबिक जिस वक्त भगदड़ हुई उस समय हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे में धार्मिक आयोजन चल रहा था। एटा अस्पताल में अब तक 27 शव आ चुके हैं, जिनमें 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। अभी घायल अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। आगे की जांच की जा रही है। इन 27 शवों की पहचान की जा रही है।

हादसे की चश्मदीद ने बयां किया भयावह मंजर
हादसे को अपनी आंखों से देखने वाली युवती ने बताया कि सत्संग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। सत्संग समाप्त हुआ उसके बाद लोग वहां से जाने लगे। इसी दौरान निकलने की जल्दी में भगदड़ मच गई। लोग एक दूसरे को देख ही नहीं रहे थे। महिलाएं और बच्चे गिरते चले गए। भीड़ उनके ऊपर से दौड़ रही थी। कोई बचाने वाला नहीं था। चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी।

एटा मेडिकल कॉलेज लाए गए घायल
हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ के दौरान कई लोग घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए एटा मेडिकल कॉलेज लाया गया है। एटा मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमेश त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी नगर विक्रांत द्विवेदी, कोतवाली नगर अरुण पवार सहित तमाम पुलिस प्रशासन के अधिकारी मेडिकल कॉलेज में मौजूद हैं।

एटा में मेडिकल कॉलेज में लाशों का ढेर देखकर ड्यूटी पर तैनात सिपाही को हार्ट अटैक आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। वह क्यीआरटी अवागढ़ में तैनात था। उसे मेडिकल कॉलेज आपात ड्यूटी पर बुलाया गया। इतनी लाशें देखकर वह बर्दाश्त न कर सका। उसे हार्ट अटैक आ गया और उसकी मौत हो गई, सिपाही मूल रूप से अलीगढ़ जिले के बन्ना देवी थाना क्षेत्र के सिद्धार्थनगर का रहने वाला था।

इसमें करीब 120 लोगों की मौत हो गई। जबकि 100 से अधिक लोग घायल हैं। घायलों को इजाल के लिए आसपास के जिलों में भेजा गया है। जहां बड़ी संख्या में लोगों की मौत है गई।

साकार हरि की अपनी फौज है। हल्के गुलाबी रंग के पैंट-शर्ट, पुलिस बेल्ट, हाथ में लाठी और सीटी लेकर हजारों की संख्या में इनके स्वयंसेवक कार्यक्रम स्थल और सड़कों पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहते हैं। एक नजर में देखने पर यह होमगार्ड जैसा कोई अनुशासित बल दिखाई देता है। बड़ी संख्या में महिला स्वयंसेवक भी तैनात रहती हैं।

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