पीएम नरेंद्र मोदी पांचवीं बार आरती में शामिल हुए। गंगा आरती के बाद प्रधानमंत्री का सम्मान किया जाएगा। उन्हें रुद्राक्ष की माला, प्रसाद के रूप में लाल पेड़ा दिया जाएगा। प्रतीक चिह्न में मां गंगा, आरती का प्रतीक फोटो और पीएम का चित्र होगा…
वाराणसी (ए)। तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे। पीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की। साथ ही उन्होंने स्वयं सहायता समूह की 30,000 से अधिक महिलाओं को कृषि सखी प्रमाण पत्र भी प्रदान किया। पीएम मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा चुनाव के बाद आज हम पहली बार बनारस आयल हईं। काशी के जनता जनार्दन के हमार प्रणाम। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के आशीर्वाद से काशी वासियों के, असीम से मुझे तीसरी बार देश का प्रधान सेवक बनने का सौभाग्य मिला है। काशी के लोगों ने मुझे लगातार तीसरी बार अपना प्रतिनिधि चुनकर धन्य कर दिया है। जैसे मुझे गोद ले लिया है। मैं यहीं का हो गया। इतनी गर्मी के बावजूद आप सभी यहां बड़ी संख्या में आशीर्वाद देने आए हैं और आपके तपस्या देखकर के सूर्य देवता भी थोड़ा ठंडक बरसाने लग गया।
पीएम ने कहा कि मैं आपका ऋणी हूं। साथियों भारत में 18वीं लोकसभा के लिए हुआ यह चुनाव भारत के लोकतंत्र की विशालता को, भारत के लोकतंत्र के समर्थक को, भारत के लोकतंत्र की व्यापकता को, भारत के लोकतंत्र की जड़ों की गहराई को दुनिया के सामने पूरे समर्थ के साथ प्रस्तुत करता है। इस चुनाव में देश के 64 करोड़ से ज्यादा लोगों ने मतदान किया। पूरी दुनिया में इससे बड़ा चुनाव कहीं और नहीं होता है, जहां इतनी बड़ी संख्या में लोग वोटिंग में हिस्सा लेते।
जी 7 के सारे मतदाताओं को मिला दें तो भी भारत के वोटर की संख्या उनसे डेढ़ गुना ज्यादा है यूरोप के तमाम देशों को जोड़ दें यूरोपीय यूनियन के सारे मतदाताओं को जोड़ दें तो भी भारत के वोटर की संख्या उनसे ढाई गुना ज्यादा है।
पीएम ने कहा कि इस चुनाव में 31 करोड़ से ज्यादा महिलाओं ने हिस्सा लिया है। यह एक देश में महिला वोटर की संख्या के हिसाब से पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा है। यह संख्या अमेरिका के पूरे आबादी के आसपास है। भारत के लोकतंत्र की यही खूबसूरती यही ताकत पूरी दुनिया को आकर्षित भी करती है। प्रभावित भी करती है। मैं बनारस के हर मतदाता का भी लोकतंत्र की उत्सव को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। यह बनारस के लोगों के लिए भी गर्भ की बात है काशी के लोगों ने तो सिर्फ एमपी नहीं बल्कि तीसरी बार पीएम भी चुना है। इसलिए आपको डबल बधाई देता हूं।
पीएम ने कहा कि इस चुनाव में देश के लोगों ने जो जनादेश दिया है वह वाकई अभूतपूर्व है। एक नया इतिहास रचा। दुनिया के लोकतांत्रिक देश में ऐसा बहुत कम ही देखा गया है कि कोई चुनी हुई सरकार लगातार तीसरी बार वापसी करें। जनता ने यह भी करके दिखाया है। ऐसा भारत में 60 साल पहले हुआ था तब से भारत में किसी सरकार ने इस तरह हैट्रिक नहीं लगे। आपने यह सौभाग्य हमें दिया अपने सेवक मोदी को दिया। भारत जैसे देश में जहां युवा आकांक्षा इतनी बड़ी है, जहां जनता के आधार सपने हैं वहां लोग अगर किसी सरकार को 10 साल के काम के बाद फिर सेवा का अवसर देते हैं। बहुत बड़ा वीजा है और बहुत बड़ा विश्वास है।
मैंने नौजवान, नारी शक्ति और गरीब सभी को भारत का मजबूत स्तंभ माना है। अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत मैंने सरकार बनते ही सबसे पहले फैसला किसान और गरीब परिवारों से जुड़ा फैसला लिया। देश भर में गरीब परिवारों के लिए तीन करोड़ में घर बनाने हों या फिर पीएम किसान सम्मन निधि को आगे बढ़ाना हो यह फैसला करोड़ों लोगों की मदद करेंगे। आज का ये कार्यक्रम भी विकसित भारत के इसी रास्ते को सशक्त करने वाला है।
काशी के साथ-साथ काशी से ही देश के गांव के लोग जुड़े करोड़ों किसान हमारे साथ जुड़े हुए हैं और यह सारे हमारे किसान माताएं भाई-बहन की शोभा बढ़ा रहे हैं। मैं अपनी काशी से हिंदुस्तान के कोने-कोने में गांव- गांव में आज टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए सभी किसान भाई बहनों का देश के नागरिकों का अभिवादन करता हूं। देश भर के करोड़ों किसानों के बैंक खाते में पीएम किसान सम्मन निधि के 20,000 करोड़ रुपए पहुंचे हैं। आज 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की तरफ भी बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। उन्हें सम्मान और आय के नए साधन दोनों सुनिश्चित करेंगे। मैं अपने सभी किसान परिवारों को, माता बहनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि आज दुनिया की सबसे बड़ी (डीबीटी) डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम बन चुका है। अभी तक देश के करोड़ों किसान परिवारों की बैंक खाते में 3.15 लाख करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। यहां वाराणसी जिले के किसानों के खाते में भी 700 करोड़ रुपये जमा हुए। मुझे खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि में सभी लाभार्थी तक लाभ पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल हुआ है। कुछ महीने पहले ही भारत संकल्प यात्रा के दौरान भी एक करोड़ से अधिक किसान इस योजना से जुड़े।
पीएम ने कहा कि किसान आत्मनिर्भर बन रहा है और कृषि निर्यात में अग्रणी बना है। अब देखिए बनारस का लंगड़ा आम, जौनपुर की मूली, गाजीपुर की भिंडी। ऐसे अनेक उत्पाद आज विदेशी मार्केट में पहुंच रहे हैं। वन जिला वन प्रोडक्ट और जिला स्तर पर एक्सपोर्ट हब बनने से एक्सपर्ट बढ़ रहा है और उत्पादन भी एक्सपोर्ट क्वालिटी का होने लगा। अब हमें ग्लोबल मार्केट में देश को नई ऊंचाई पर ले जाना और मेरा तो सपना है कि दुनिया की हर डाइनिंग टेबल पर भारत का कोई ना कोई खजाना डिफेक्ट वाले मंत्र को बढ़ावा देना। मोटे अनाज श्री अन्य का उत्पादन हो, औषधीय गुण वाली फसल हो या फिर प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ना। पीएम किसान समृद्धि के माध्यम से किसानों के लिए एक बड़ा सपोर्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यहां इतनी बड़ी संख्या में हमारी माताएं उपस्थित हैं, इनके बिना खेती की कल्पना भी नहीं संभव है। इसलिए अब खेती को नई दिशा देने में भी माता बहनों की भूमिका का विस्तार किया जा रहा है।
पीएम ने कहा कि हमने आशा कार्यकर्ता के रूप में बहनों का काम देखा। डिजिटल इंडिया बनाने में बहनों की भूमिका अच्छी है। अब हम कृषि सखी के रूप में खेती को नई ताकत मिलते हुए देखेंगे। आज 30,000 से अभी सहायता समूह को कृषि सखी के रूप में प्रमाण पत्र दिए गए। अभी 12 राज्यों में यह योजना शुरू हुई है। आने वाले समय में पूरे देश में हजारों समूह को इससे जोड़ा जाएगा। यह अभियान तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने में भी मदद करेगा और राज्य सरकार को मौका मिला पूरे समर्पण भाव से काम किया है।
गंगा आरती के लिए जाते वक्त पीएम मोदी के काफिले पर काशीवासियों ने फूलों की बारिश की। इस दौरान पीएम मोदी ने गाड़ी के अंदर से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। पीएम मोदी दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की पूजा करने के बाद आरती उतारी। घाट पर हर-हर महादेव और मां गंगा के उद्घोष होते रहे। पीएम मोदी के गंगा आरती में शामिल होने को लेकर घाट पर विशेष फूलों से सजावट की गई है। वहीं दीपों से पूरा घाट जगमग रहा। डमरू और घंटियों की धुन के बीच आरती हुआ, पीएम मोदी के साथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज गंगा आरती में शामिल हुए। दशाश्वमेधघाट के आरती स्थल को सूरजमुखी, रजनीगंधा, बेला और गेंदा की फूलों की माला से सजाया गया है। फूल उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के कोलकाता से मंगाए गए थे।
















