ये दिन पीएम मोदी के लिए मंगलकारी होगा, क्योंकि 14 मई को ‘गंगा सप्तमी’ है. वहीं ‘पुष्य नक्षत्र’ है. ये नक्षत्र सफलता का परिचायक है. कोई भी कार्य इस नक्षत्र में करने से सफलता प्राप्त होती है…
वाराणसी (ए)। लोकसभा चुनाव 2024 कुल सात चरणों में संपन्न होना है. अभी तक तीन चरणों की वोटिंग हो चुकी है, जबकि चार चरण और बाकी हैं. यूपी की वाराणसी लोकसभा सीट पर आखिरी यानि सातवें चरण में एक जून को वोटिंग होगी. इसको लेकर 14 मई से प्रत्याशियों के नामांकन शुरू हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार वाराणसी लोकसभा सीट से ताल ठोंक रहे हैं. 13 मई को वाराणसी में भव्य रोड शो करने के बाद 14 मई को वह कलेक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगे।
हालांकि इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बयान चरितार्थ होता दिख रहा है, जो उन्होंने 2014 में नामांकन के दौरान कहा था. वाराणसी को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि, ‘न मुझे किसी ने भेजा है, न मैं यहां आया हूं. मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है.’ 2020 लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी 14 मई को नामांकन दाखिल करेंगे. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, उस दिन ‘गंगा सप्तमी’ का पर्व है और ‘पुष्य नक्षत्र’ का अद्भुत संगम है, जो सफलता की गारंटी देता है।
पीएम मोदी वाराणसी में 13 फरवरी को रोड शो करेंगे और 14 मई को नामांकन दाखिल करेंगे. ज्योतिषशास्त्र और सनातन धर्म के अनुसार, 14 मई का दिन बहुत ही शुभ है. इस दिन ‘गंगा सप्तमी’ है. यानि गंगा इस दिन अवतरित हुई थीं. इस दिन कोई कार्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि कोई भी शुभ कार्य इस दिन किया जा सकता है।
वहीं अगर नक्षत्रों की बात करें तो इस दिन ‘पुष्य नक्षत्र’ है और दिन मंगलवार. दोनों का अद्भुत संयोग राज सत्ता का होता है. ‘पुष्य नक्षत्र’ सफलता का परिचायक है और कोई भी कार्य इस नक्षत्र में करने से सफलता प्राप्त होती है. पीएम मोदी को एक बार फिर राज सत्ता का भोग दिलाने में गारंटी दे रहा है।
‘गंगा सप्तमी’ के दिन पीएम का नामांकन करना उनके मजबूत संकल्प और मजबूत आधार देगा. वहीं पीएम मोदी द्वारा इस दिन को चुनना सनातन धर्म के प्रति विश्वास और आस्था का मजबूत उदाहरण भी पेश कर रहा है।
उनके इस रोड शो को ऐतिहासिक बनाने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी ने तय किया है कि वाराणसी के सभी विधायक और बीजेपी नेता लोगों को पीएम मोदी के रोड शो में शामिल होने के लिए उनके घर-घर जाकर निमंत्रण पत्र देंगे. बुधवार को इस रोड शो की तैयारी के लिए बीजेपी नेताओं की बैठक हुई. इसमें तय हुआ कि वाराणसी लोकसभा की सभी 5 विधानसभाओं में बूथ स्तर पर बैठकें की जाएंगी।
इसके बाद बूथ समिति के सदस्यों के साथ सभी जनप्रतिनिधि और पार्टी के नेता घर-घर जाकर काशीवासियों को रोड शो में आने का निमंत्रण देंगे. बता दें कि वाराणसी से पीएम मोदी का यह लगातार तीसरा चुनाव है. वह 2014 में वडोदरा और वाराणसी दोनों सीटों से लोकसभा का चुनाव लड़े थे. बाद में उन्होंने वडोदरा सीट छोड़ दी और काशी के सांसद बने रहे. इसके बाद वह 2019 और अब 2024 में सिर्फ वाराणसी सीट से ही चुनाव लड़ रहे हैं. वह अपने पहले दोनों लोकसभा चुनावों में भी रोड शो कर चुके हैं और इस बार भी यह प्रथा जारी रखेंगे।
भाजपा पीएम मोदी की जीत की हैट्रिक के लिए इस बार वाराणसी में उनके रोड शो को खास बनाना चाहती है. बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने बैठक करके रोड शो की तैयारियों का जायजा लिया और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी. प्रधानमंत्री 14 मई को वाराणसी से अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे. उससे एक दिन पहले यानी 13 मई की शाम को वह रोड शो निकालेंगे. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के रोड शो में बनारस की संस्कृति के अनुरूप ‘लघु भारत’ की झलक दिखेगी. गंगा किनारे बसे विभिन्न समाज के लोग रोड शो का स्वागत करेंगे।
रोड शो के मार्ग में 11 बीट बनाए गए हैं. राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने 11 बीट प्रमुखों और व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारियों के साथ तैयारी की रूपरेखा तय की. सभी बीट के अंतर्गत 10-10 पॉइंट बनाए जाएंगे. यानि रोड शो के रूट पर लगभग 100 पॉइंट तय किए जाएंगे. काशी की संस्कृति और विविधता की झलक देने के लिए इन पॉइंट्स पर बनारस में रह रहे मारवाड़ी, तमिल, पंजाबी, मराठी, गुजराती, बंगाली, माहेश्वरी समाज के लोग मौजूद रहेंगे. भारत के अलग-अलग राज्यों के मूल निवासी और पीढ़ियों से काशी में रह रहे ये लोग अपनी परंपरागत वेशभूषा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे. शहनाई, शंख और डमरू के साथ पीएम का स्वागत किया जाएगा।
















