दुर्ग। जब हम पढ़ते थे तब शासकीय नौकरी ही होता था, हम प्राइवेट नौकरी जानते ही नही थे। ज्यादा स्ट्रगल नही करनी पड़ी, पढ़ाई खत्म होते ही नौकरी लग गई थी। हमने बेरोजगारी नही देखी, हिंदी मीडियम से पढ़ने के बाद भी राजनांदगांव में पदस्थापना के दौरान इंग्लिश मीडियम स्कूल के दो प्रेड मैथ्स और फिजिक्स के इंग्लिश में लेता था। यह सब बातें दुर्ग जिला में पदस्थ संचालक, सांख्यिकी अधिकारी (शिक्षा विभाग) अमित घोष ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक के सफर को हमसे साझा किया…
अमित घोष की प्रारंभिक शिक्षा डोंगरगढ़ (राजनांदगांव) के शासकीय स्कूलों में पूरी हुई। वर्ष 1985 में इन्होंने दिग्विजय कॉलेज, राजनांदगांव से मैथ्स में स्नातक की डिग्री हासिल किया।
वर्ष 1987 में इन्होंने एमएससी (यूनिवर्स टीचिंग डिपार्टमेंट) से स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया।
वर्ष 1986 में इनका चयन उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर हुआ। इनकी पहली पोस्टिंग छुईखदान ब्लॉक में हुई। वहां इन्होंने वर्ष 1988 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1988 में इनका तबादला शासकीय गर्ल्स हायरसेकंडरी स्कूल छुईखदान में हुई जहां इन्होंने 1991 तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 1991 में इनका तबादला खैरागढ़ गर्ल्स स्कूल में हुआ वहां इन्होंने वर्ष 1995 तक अपनी सेवाएं दी। डिपार्टमेंट के तरफ से इन्होंने वर्ष 1994 में शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, रायपुर से बीएड की डिग्री हासिल किया।
वर्ष 1995 से वर्ष 2006 तक यह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अतरिया बाजार (खैरागढ़) में प्रभारी प्राचार्य के पद पर अपनी सेवाएं दी। इसी दौरान दो वर्षों तक सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान राजनांदगांव में जिला समन्वयक के रूप में इन्होंने दोहरी जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2006 से 07 तक हिर्री (दुर्ग) शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में प्राचार्य के पद पर पदस्थ रहे।
वर्ष 2007 से 2012 तक सर्व शिक्षा अभियान में सहायक परियोजना समन्वयक के पद पर अपनी सेवाएं दी। इन्हें वर्ष 2008 में पदोन्नति मिली और यह हेडमास्टर बने फिर वर्ष 2011 में पदोन्नति मिली और यह व्याख्याता बने। वर्ष 2012 से दुर्ग जिले में पदस्थ है।
ड्राइंग-पेंटिंग और गीत सुनने में विशेष रुचि रखने वाले अमित घोष अपने माता-पिता को अपना आदर्श मानते है। इनकी दो पुत्री है और इनकी धर्मपत्नी भी गवर्मेंट टीचर है।
अपने कार्य के प्रति हमेशा तत्पर रहने वाले अमित घोष ने बताया कि बच्चों को हमेशा एक अच्छे विद्यार्थी होने की शिक्षा देते है, एक अच्छा इंसान बनेंगे तो अपनर परिवार का पालन-पोषण करेंगे और देश के विकास में अपनी सहभागिता निभाएंगे। शासन ने जो भी कार्य दिया उसे पूरी निष्ठा से किया हु और आगे भी करूगा। यह बच्चों को प्रेरित कर साइंस प्रर्दशनी में नेशनल लेबल पर पार्टिसिपेट करवा चुके है।









