दुर्ग। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत मेडिकल विशेषज्ञ कमेटी के माध्यम से निर्धारित पैकेज राशि नित्या साहू को शासन की ओर से 1 लाख 70 हजार 100 रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
ज्ञात हो कि दुर्ग जिले की नित्या साहू पिता रामकृष्ण साहू जो गुलियन बैरो सिंड्रोम (जीबीएस) संबंधी रोग से पीड़ित है। जिनका इलाज न्युरान ब्रेन स्पाइन एवं क्रिटीकल केयर अस्पताल नागपुर में चल रहा है। डॉक्टर के अनुसार इलाज के लिए अनुमानित राशि से अधिक राशि की आवश्कता है।
नित्या के परिजन गरीब परिवार से होने के कारण इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ है। उन्होंने नित्या की बिमारी की इलाज हेतु सहयोग के लिए कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किये थे।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में मनरेगा के निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक समपन्न: कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में मनरेगा के निर्माण कार्यो की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत मनरेगा द्वारा मुख्य उद्देश्य आगामी 3 वर्षों वित्तीय वर्ष 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 हेतु उपयुक्त स्थल का चयन करते हुए ग्राम सभा से कार्यों के अनुमोदन उपरांत कार्ययोजना तैयार कर, ग्राम पंचायतवार जीआईएस आधारित कार्ययोजना हेतु केएमएल (कीहोल मार्कअप लैंग्वेज) फाईल तैयार कर, वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में कराए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों की संख्या तथा अनुमानित लागत की तत्काल प्रविष्टि करने सर्वसंबंधितों को निर्देशित किया गया।
मनरेगा के तहत निर्माण कार्य का प्रस्ताव केएमएल फाइल के रूप में निर्माण कार्य की स्वीकृति हेतु ग्राम पंचायत के 3 वर्ष की कार्ययोजना तैयार कर तकनीकी अमलों द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा। जिसका उपयोग गूगल अर्थ जैसे अर्थ ब्राउजर में भौगोलिक डेटा प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है। स्थानों को इंगित करने, छवि ओवरले जोड़ने और समृद्ध डेटा को नए तरीकों से प्रदर्शित करने के लिए केएमएल फाइलें बना सकते हैं।
पात्र व्यक्तिगत हितग्राहियों के लगभग 20 प्रतिशत भूमि क्षेत्रफल में बागवानी वृक्षारोपण पर विशेष ध्यान देने के साथ वृक्षारोपण कार्यों को बढ़ावा देने हेतु प्राप्त निर्देश के संबंध में भारत सरकार ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत के समस्त पात्र व्यक्तिगत लाभार्थी परिवारों के सहमति से लगभग 20 प्रतिशत भूमि क्षेत्रफल को वृक्षारोपण कार्यों से आच्छादित करने हेतु पहल किया जाना है।
इसमें विशेष रूप से बागवानी वृक्षारोपण एवं सड़क किनारे वृक्षारोपण को प्राथमिकता से कराये जाने के निर्देश दिये गये है। लिए गए कार्यों की संख्या, कार्य में लगाए गए पौधों की संख्या एवं कार्य के लिए उपयोग की गई भूमि का क्षेत्रफल एमआईएस में दर्ज किये जाने के भी निर्देश दिए गए है। उक्त बैठक में एसडीओ (आरईएस), सब इंजिनियर (आरईएस), कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, तकनीकी सहायक मनरेगा उपस्थित रहे।















