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महिलाएं समाज की वास्तविक शिल्पकार है: नेहा पाण्डेय

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): महिलाओं का समाज में सर्वोच्च स्थान प्र्राप्त हो रहा है और वह सशक्त हो रही हैं। महिलाएं ही समाज की वास्तविक शिल्पकार है। वर्तमान समय में महिला एक सुयोग्य गृहणी होने के साथ- साथ राजनीति, धर्म, कानून, न्याय आदि सभी क्षेत्र में पुरुष की सहायक और प्रेरक बन रही है।यह सब बातें दुर्ग रेंज आईजी कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा पाण्डेय ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने अब तक से सफर को हमसे साझा किया।एएसपी नेहा पाण्डेय की प्रारंभिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, बिलासपुर में हुई। वर्ष 2001 में इन्होंने गल्र्स डिग्री कॉलेज, बिलासपुर से साइंस में स्नातक किया। वर्ष 2003 में इन्होंने ऑर्गेनिक केमेस्ट्री में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया। वर्ष 2005 के सीजीपीएससी की परीक्षा में इन्होंने भाग लिया और अपने पहले ही प्रयास में इनका चयन डीएसपी के लिए हुआ।ट्रेनिंग के पश्चात वर्ष 2007 में इनकी पहली पोस्टिंग एसडीओपी नारायणपुर के पद पर हुई जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2008 में इनका तबादला एसडीओपी कुनकुरी (जशपुर) के पद हुआ जहां इन्होंने दो वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2011-12 में इनका तबादला सीएसपी रायगढ़ के लिये हुआ जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2012  में इनका तबादला एसडीओपी खरसिया (रायगढ़) के लिए हुआ जहा इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2013  इन्हें प्रमोट कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया साथ ही इन्हें एएसपी जशपुर की जिम्मेदारी दी गई, जहां इन्होंने तीन वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2017 में इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरियाबंद की जिम्मेदारी दी गई, जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2019 में इन्हें एआईजी (प्रशासन) पुलिस मुख्यालय, रायपुर की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। फरवरी 2020 में इन्हें पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। एएसपी नेहा पाण्डेय जब गरियाबंद में पदस्थ थी तब चेतना अभियान के लिए पूरे राज्य में इनका प्रथम स्थान रहा था। इस कार्य के लिए वर्ष 2018 में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस द्वारा सम्मानित किया गया था। एएसपी  जशपुर पदस्थ रहते हुए इन्होंने मानव तस्करी के खिलाफ बेहतर कार्य किया था जिसके लिए इनकी प्रशंसा हुई। यह इसकी नोडल अधिकारी भी थी। गरियाबंद कार्यकाल के दौरान एक महत्वपूर्ण लॉ एंड ऑर्डर में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए इन्हें इंद्रधनुष अभियान के तहत डीजीपी द्वारा सम्मानित किया गया था। गरियाबंद में महिलाओं को जोडऩे और जागरूक करने के लिए इनके द्वारा पुलिस सखी अभियान चलाया गया था। मिशन सिक्योर सिटी के तहत सीसीटीवी लगवाया गया, मिशन ई-साक्षरता के तहत पुराने पुलिसकर्मियों को कंप्यूटर की शिक्षा दी गई, लूट गैंग को पकडऩे, हीरा तस्करी गैंग पकडऩे सहित कई बड़े मामलों को सुलझाने में इनका विशेष योगदान रहा। इन्हें वीआईपी ड्यूटी करने का भी अच्छा अनुभव है। यह तीन बार राष्ट्रपति ड्यूटी कर चुकी हैं जिसके लिए इनकी सराहना हो चुकी है। हाल ही में एक मार्च को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ दौरे पर आए थे जिसमें इन्होंने ड्यूटी की।बैडमिंटन खेलने और पर्यटन स्थलों घूमने में विशेष रुचि रखने वाली एएसपी नेहा पाण्डेय ने बताया कि जब वो कॉलेज कर रही थी तब एनसीसी की से जुड़ी और वर्दी को पहना तब इन्हें एक अलग ही अनुभव महसूस हुआ और वर्दी के प्रति आकर्षित हुई और पुलिस विभाग में जाने के सोच ली थी।महिलाये सहनशीलता के लिए जानी जाती है लेकिन उन्हें अपने ऊपर भी ध्यान देना चाहिए, स्वयं के अस्तित्व के प्रति भी सजग रहे। एक लिमिट के बाद सहन नही करना चाहिए, चुप्पी नही रखना चाहिए। शोषण नही सहना चाहिए, अपने बात को रखना चाहिए। पुलिस भी आज-कल पारिवारिक मामलों में संवेदनशील है, पारिवारिक मामलों को परामर्श स्तर पर सुलझाया जाता है। पुलिस का सहयोग करे और सहयोग लेवे।

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