गुण्डरदेही (सारनाथ एक्सप्रेस): महिलाये किसी भी अपराध को लोक-लाज के डर से छुपाये नही, बल्कि पुलिस निर्भीक होकर तुरन्त सूचना देवे। नाबालिक बच्चों से माँ-बाप दोस्ताना व्यवहार रखे ताकि बच्चे स्कूल की हर बात और अपना दिनचर्या शेयर कर सके। नवयुवतियां लालच और भावनाओं में न आये। खुद की सुरक्षा का ध्यान रखकर काम करे। अपना आत्म विश्वास बनाये रखे। यह सब बातें महिला अपराधों पर विशेष विवेचना करने वाली गुण्डरदेही थाना में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक खुशबू वर्मा ने सारनाथ एक्सप्रेस से कही।खुशबू वर्मा की प्रारंभिक शिक्षा दुर्ग जिले के अमलीडीह (पाटन), बटंग और उरला के शासकीय स्कुलो में हुई। हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा इन्होंने शासकीय कन्या विद्यालय भिलाई तीन से हुई। वर्ष 1999 में इन्होंने साइंस कॉलेज दुर्ग से आट्र्स में स्नातक की डिग्री हासिल किया। बारहवीं कक्षा में इन्हें बेस्ट स्टूडेंट्स अवार्ड भी मिल चुका है साथ ही यह पर्यावरण सचिव भी रही। पंडित रविशंकर विश्विद्यालय, रायपुर का कबड्डी में प्रतिनिधित्व भी कर चुकी है। 7 बार इन्हें रनिंग और लॉन्ग जम्प में बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी जीत चुकी है। लूट,अपहरण और महिला सम्बंधित गंभीर अपराध के मामले में बेहतर कार्य के लिए इन्हें विभाग द्वारा 5 हज़ार कैश अवार्ड भी दिया जा चुका है। वर्ष 2000 के आरक्षक भर्ती में इनका चयन हुआ। ट्रेनिंग और नौकरी करते हुए इन्होंने 2003 में साइंस कॉलेज दुर्ग से आट्र्स में स्नातकोत्तर किया। ट्रेनिंग के पश्चात इनकी पहली पोस्टिंग पुरानी भिलाई थाना में हुई। इसके बाद छावनी और महिला थाना में भी पदस्थ रही। वर्ष 2012 में इनका प्रमोशन हुआ और इन्हें आरक्षक से प्रधान आरक्षक बनाया गया। प्रमोशन के बाद इनका स्थानान्तरण बालोद जिले में हुआ जहां इन्होंने अर्जुन्दा थाना और 2019 से गुण्डरदेही थाना में अपनी सेवाएं दे रही है। गाना सुनने और कानूनी किताब पढऩे में विशेष रुचि रखने वाली खुसबू वर्मा अपने पापा को अपना आदर्श मानती है क्योंकि इनके पापा ने बहुत ही मेहनत करके इन्हें पढ़ाया और इस काबिल बनाया। उड़ान धारावाहिक से प्रेरित होकर यह पुलिस विभाग में आई है। महिलाओं को यह संदेश देना चाहती है कि अपने परिवार को बचाने के नाम पर जुल्म न सहते रहे,जब ज्यादा हो जाता है तब थाने में आकर शिकायत करती है जबकि शुरुआत में ही बता दे तो उस अपराध को रोका जा सकता है। अपराध की सूचना देरी से मिलने से कई परिवार टूट जाते है जबकि सही समय पर थाने आने से आपसी मतभेदों को परामर्श कर परिवार को बचाया जा सकता है। आज की छोटी घटनाये कल विकराल रुप ले सकती है इसलिए समय रहते इसका समाधान करें। अब हर थानो में महिला डेस्क है, वहाँ अपनी समस्याओं को बता सकती है। गुण्डरदेही थाना में महिला व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया गया है जिसकी एडमिन भी महिला हैं। इस ग्रुप का फायदा महिलाओं को मिल रहा है। यह प्रदेश का नया तरीका है महिलाओ को अपनी समस्याओं को बेझिझक रखने की। इसमे तीन शिकायते भी प्राप्त हुई है।









