भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): अपराध मुक्त समाज देश को आगे बढाने में सहायक होते है और इसी उद्देश्यों के साथ काम करती आई हूं। बच्चो के प्रति हमेशा संवेदनशील रही हु। उनसे अन्य प्रकार के जो अपराध करवाया जा रहा है उसे बंद करने के लिए प्रयासरत हु। यह बातें दुर्ग जिले में पदस्थ ट्रैफिक इंस्पेक्टर श्रीमती श्रुति सिंह ने सारनाथ एक्सप्रेस से कही। अपने बीस साल के कैरियर पर चर्चा करते हुए इन्होंने बताया कि 5 मई 1999 को इनका चयन उपनिरीक्षक के लिए हुआ था। तब से यह अविभाजित मध्यप्रदेश और अब छग में अपनी सेवाएं दे रही है। सागर और इंदौर (मप्र) में ट्रेनिग के पश्चात इनकी पहली पोस्टिंग वर्ष 2000 में खरगोन (मप्र) में हुआ था जहां इन्होंने करीब डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद इनका तबादला बिलासपुर हुआ जहां इन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी इसके बाद इन्हें राजनंदगांव में पदस्थ किया गया जहां इन्होंने सात वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। राजनंदगांव में पदस्थ रहते हुए इन्होंने नक्सली मूमेंट में हिस्सा लिया जो छग राज्य की पहली महिला एसआई थी। राजनंदगांव के बाद इनका तबादला पीटीएस माना (रायपुर) के लिए हुआ जहां इन्होंने डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी। रायपुर में चार वर्ष, कोरबा में चार वर्ष और बालोद में एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2018 से यह दुर्ग जिले में पदस्थ है। दुर्ग में इन्हें पहले एसआईटी की जिम्मेदारी दी गई फिर अभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। जनता की सेवा और सामाजिक कार्य मे विशेष रुचि रखने वाली इंस्पेक्टर श्रुति सिंह राजनंदगांव और रायपुर में क्राइम ब्रांच प्रभारी रहते हुए कई बड़े बड़े और हाई प्रोफाइल मामलो को साल्व करने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। अपने माता-पिता और देश की प्रथम महिला आईपीएस किरण बेदी को अपना आदर्श मानती है और बचपन में उड़ान टीवी सीरियल जो पुलिस पर आधारित थी उसे देखकर पुलिस में आने के लिए प्रेरित हुई। वर्ष 1997 में इंदिरा गांधी संगीत महाविद्यालय खैरागढ़ से म्यूजिक और कत्थक नृत्य में एमए तक कि शिक्षा प्राप्त करने वाली इस्पेक्टर श्रुती सिंह ने महिला दिवस पर महिलाओ से अपील की है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी रखनी चाहिए, वो अपने अधिकार को समझ जाएगी तो आगे बढ़ेगी। महिलाओ को अपने अधिकारों का दुरुपयोग नही करना चाहिए उसका सदुपयोग करना चाहिए तभी समाज आगे बढ़ेगा। अपराध को सहन न करे उसका विरोध करे। यातायात का नियम किसी भी व्यक्ति और समाज के लिए आदर्श है इन नियमो का पालन करने से हम जन-धन की हानि से बच सकते है क्योंकि जीवन अमूल्य है। सभी से अपील करती हूं जी प्रत्येक व्यक्ति यातायात के नियमो का पालन करे चाहे वो किसी भी उम्र के हो। देश की प्रगति में अपनी महती भूमिका निभाएं।









