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दुर्ग जिला के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने पदभार ग्रहण किया, राजपत्रित अधिकारियो और थाना प्रभारियों की ली बैठक

दुर्ग। जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने आज पदभार ग्रहण कर लिया। मंगलवार की दोपहर उन्होंने दुर्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया। इसके पूर्व उन्हे गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान एएसपी शहर अभिषेक झा, एएसपी ग्रामीण अनुराग झा सहित राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। मेलमुलाकत के बाद एसपी ने राजपत्रित अधिकारी और थाना/चौकी प्रभारियों को मीटिंग कंट्रोल रूम में ली।

ज्ञात हो की आईपीएस जितेंद्र शुक्ला 2013 बैच के आईपीएस फसर है। ट्रेनिंग के बाद इन्हें डिस्ट्रिक ट्रेनिंग बिलासपुर में करने के बाद पश्चात इनकी पहली पोस्टिंग सितंबर 2015 में अम्बिकापुर सीएसपी के पद पर हुई, जहां इन्होंने मई 2016 तक अपनी सेवाएं दी। मई 2016 में इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन) सुकमा की जिम्मेदारी दी गई जहां इन्होंने जनवरी 2018 तक अपनी सेवाएं दी।

जनवरी 2018 में इन्हें पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर की अहम जिम्मेदारी दी गई जहां दिसम्बर 2018 तक अपनी सेवाएं दी। जनवरी 2019 में इन्हें पुलिस अधीक्षक, सुकमा की जिम्मेदारी दी गई जहां यह मार्च 2019 तक पदस्थ रहे। मार्च 2019 से अगस्त 2019 तक इन्हें पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरिक्षक, भर्ती चयन एवं लेखा कल्याण के पद पर पदस्त किया गया।

अगस्त 2019 से मार्च 2020 तक यह पुलिस अधीक्षक महासमुंद के पद पर रहे। मार्च 2020 से अगस्त 2020 तक पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव रहे। इसके बाद इन्हे सत्रहवीं बटालियन कवर्धा के कमांडेंट और फिर सोलहवीं बटालियन नारायणपुर के कमांडेंड की जिम्मेदारी दी गई। अक्टूबर 2023 के विधानसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग ने इन्हे पुलिस अधीक्षक कोरबा की जिम्मेदारी सौंपी। इनके नेतृत्व में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सम्पन्न हुआ। इसके बाद राज्य सरकार ने इन्हे फरवरी 2024 में पुलिस अधीक्षक दुर्ग की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

नक्सली क्षेत्र में पदस्थापना के दौरान सराहनीय कार्य किये। एएसपी सुकमा रहते हुए वर्ष 2016 को सबसे सफल वर्ष माना जाता है उस वर्ष पुलिस को बहुत की कम क्षति हुई थी। एसपी नारायणपुर रहते हुए चार नक्सली मारे गए और हथियार बरामद हुए।

एसपी राजनांदगांव रहते हुए दो एनकाउंटर हुए जिसमे चार नक्सली मारे गए, घायल नक्सली पकड़ाए, 8 लाख का ईनामी नक्सली मारा गया और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए थे। पुलिस मुख्यालय में एआईजी एकाउंट वेलफेयर के पद पर रहते हुए इन्होंने पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए पुलिस पब्लिक स्कूल, रायपुर की शुरुआत जून 2019 में हुई। स्कूल के शुरू होने इनकी अहम भूमिका।

पुलिस पब्लिक स्कूल को सीबीएससी मान्यता मिली और उस स्कूल में करीब 600 बच्चे अध्ययनरत है। पुलिस पब्लिक स्कूल में 50% पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित है और 50% ओपन रखा गया। पुलिस पब्लिक स्कूल के यह सेक्रेटरी भी है।

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