नेपाल में सीता के जन्म स्थान जनकपुर से भी 3,000 से अधिक उपहार आए हैं. श्रीलंका का एक प्रतिनिधिमंडल रामायण में उल्लेखित अशोक वाटिका से एक विशेष उपहार लाया है. श्रद्धालुओं को भोजन कराने के लिए यहां भंडारे, लंगर आदि विभिन्न सामुदायिक रसोइयां चलाई जा रही हैं…
अयोध्या (ए)। अयोध्या में रामलला के आगमन का इंतजार खत्म हो गया है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो गई है।500 वर्षों से अधिक का इंतजार खत्म हो गया है। रामलला राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं। गर्भ गृह में प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे।
इस पल का प्रतीक्षा वर्षों से श्रद्धालु कर रहे थे. आज उनके लिए यह एक स्वप्न के साकार होने जैसा है और साक्षात भगवान के दर्शन कर लेना जैसा है. राम मंदिर के उद्घाटन अपने आप में अनूठा है क्योंकि केंद्र सरकार, कई राज्यों की सरकारों और दुनिया के कई देशों में प्राण प्रतिष्ठा समारोह देखने के लिए कहीं आधे दिन तो कहीं कुछ घंटों की सरकारी छुट्टी की घोषणा की है।
देशभर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी 22 जनवरी को आधे दिन के लिए बंद रहेंगे. एनएसई और बीएसई स्टॉक एक्सचेंज ने भी इस दिन कारोबार न होने की घोषणा की है।
रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह अपराह्न 12 बजकर 20 मिनट पर शुरू हुआ। राम मंदिर के गर्भगृह में 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई क्योंकि यह 84 सेकेंड का समय शुभ मुहूर्त था।
#WATCH | PM Narendra Modi offers prayers to Ram Lalla. The idol was unveiled at the Ram Temple in Ayodhya during the pranpratishtha ceremony.#RamMandirPranPrathistha pic.twitter.com/bHvY3L4Ynk
— ANI (@ANI) January 22, 2024
रामलला की स्वागत के लिए अयोध्या तो राममय है ही और पूरे नगर को भव्यता प्रदान करने के लिए सजाया गया है लेकिन देश के बाकी हिस्सों में भी लोगों ने अपने घरों पर श्रीराम और उनके महान भक्त भगवान हनुमान को समर्पित पताकाएं लगाई हैं और घर-मोहल्लों को सजाया है। रामभक्तों के बीच दिवाली जैसा महौल है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीये जलाकर इस उत्सव को मनाने का आह्वान पहले ही कर दिया गया है।
अयोध्या धाम में श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है। इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है। जय सियाराम! https://t.co/GAuJXuB63A
— Narendra Modi (@narendramodi) January 22, 2024
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अगले दिन से आमजन इसमें भगवान के दर्शन कर सकेंगे. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, रविवार (21 जनवरी) को रामलला की मूर्ति को विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए ‘औषधियुक्त’ और पवित्र जल से भरे 114 घड़ों से स्नान कराया गया. ट्रस्ट के अनुसार, चेन्नई और पुणे समेत कई स्थानों से आए फूलों से अनुष्ठान किए जा रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा समारोह संबंधी अनुष्ठान 16 जनवरी को सरयू नदी से शुरू हुआ, जो आज सोमवार दोपहर ‘अभिजीत मुहूर्त’ में पूरा हुआ।
#WATCH | First visuals of the Ram Lalla idol at the Shri Ram Janmaboomi Temple in Ayodhya pic.twitter.com/E0VIhkWu4g
— ANI (@ANI) January 22, 2024
मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की 51 इंच की नई मूर्ति को गुरुवार (18 जनवरी) को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया गया. ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से 14 दंपती ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए ‘यजमान’ बने।
मंदिर में प्रवेश पूर्वी दिशा से होगा और निकासी दक्षिण दिशा से होगी. मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार पूर्वी दिशा में स्थित है, जहां ‘सिंह द्वार’ के माध्यम से 32 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा जा सकता है. मंदिर की पूरी संरचना तीन मंजिला है। पारंपरिक नागर शैली में बना मंदिर परिसर 380 फुट लंबा (पूर्व-पश्चिम दिशा), 250 फुट चौड़ा और 161 फुट ऊंचा होगा. मंदिर की प्रत्येक मंजिल 20 फुट ऊंची होगी और उसमें कुल 392 स्तंभ और 44 द्वार होंगे. मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं के चित्र प्रदर्शित हैं. भूतल पर मुख्य गर्भगृह में भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप (श्री रामलला की मूर्ति) को रखा गया है।
PM Narendra Modi unveils the Ram Lalla idol at the Shri Ram Janmaboomi Temple in Ayodhya
#RamMandirAyodhya pic.twitter.com/qaunSkpyg1
— ANI (@ANI) January 22, 2024















