रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के क्रम में 16 जनवरी 2024 से देश, विदेश से मेहमानों का आना शुरू हो जाएगा। इनकी मेहमानवाजी के लिए अयोध्या में सभी बड़े-छोटे होटल, सर्किट हाऊस सब हाउसफुल हैं। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान 100 के करीब जहाजों में मेहमानों के पहुंचने की संभावना है…
अयोध्या (ए)। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। 22 जनवरी 2024 को परियोजना का लगभग 30 फीसदी तक बनकर तैयार हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। 30 दिसंबर 2023 को अयोध्या में नवनिर्मित हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। 30 दिसंबर के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे तीर्थ क्षेत्र, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन समेत अन्य की समीक्षा की। 23 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक गए थे। दूसरे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या भी जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं। युद्ध स्तर पर तैयारी जारी है।
एक रन-वे से 100 जहाज से आएंगे मेहमान अयोध्या में 22 जनवरी तक सबकुछ व्यस्त है। रूट, एयरपोर्ट, ट्रेन, सुरक्षा एजेंसियां, प्रोटोकाल में जुटे अफसर और राज्य तथा जिले के अफसर। जिले के प्रोटोकाल अधिकारी बताते हैं कि आज किसी को विदा किया और एक घंटे बाद दूसरे महत्वपूर्ण मिशन पर जुट जाना है। 21 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आए थे। 23 को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दौरा करके सब जायजा लिया है। अयोध्या के कमिश्नर गौरव दयाल लगातार बैठकों और तैयारियों का जायजा लेने में लगे रहते हैं। इसी तरह की व्यस्तता जिले के डीएम और एसपी के सेक्रेटेरिएट के पास है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूत्र की मानें तो हवाई अड्डे पर एक रन-वे सेवा देने के लिए तैयार है। हवाई अड्डे पर सुरक्षा के सभी उपाय कर लिए गए हैं। ड्राई रन चल रहा है। 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन कर देंगे। इसके बाद 06 जनवरी से दिल्ली से नियमित उड़ान सेवा शुरू हो जाएगी। सूत्र के मुताबिक दिल्ली के अलावा सप्ताह में तीन दिन अहमदाबाद से अयोध्या तक उड़ान सेवा के माध्यम से आने जाने की सुविधा रहेगी। हालांकि अभी हवाई अड्डे के निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो सका है। मुख्य द्वार समेत अन्य हिस्से का तैयार होना शेष है। सुरक्षा के तमाम उपकरण और अन्य उपकरण इंस्टाल होना बाकी है।
16 जनवरी से आएंगे विशिष्ट मेहमान रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के क्रम में 16 जनवरी 2024 से देश, विदेश से मेहमानों का आना शुरू हो जाएगा। इनकी मेहमानवाजी के लिए अयोध्या में सभी बड़े-छोटे होटल, सर्किट हाऊस सब हाउसफुल हैं। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान 100 के करीब जहाजों में मेहमानों के पहुंचने की संभावना है। एक अनुमान के मुताबिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद प्रधानमंत्री इन्हें संबोधित भी करेंगे। इसलिए मेहमानों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं और यातायात तथा समारोह की भव्यता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। एनएसजी और एसपीजी के विशेषज्ञ लगातार स्थलों की, जांच-पड़ताल और निगरानी कर रहे हैं। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्र लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं।
मंदिर परिक्षेत्र समेत योजनाओं को तीन चरण में 2030 तक पूरा होना है राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इस पूरी परियोजना के 2030 तक पूरा हो पाने का अनुमान है। 22 जनवरी को अभी प्रधानमंत्री भगवान राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा में मुख्य यजमान के तौर पर शामिल होंगे। हालांकि 22 जनवरी के बाद भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित मूर्ति का आमजन द्वारा दर्शन की तारीख के बारे में सूत्र अभी कुछ नहीं बता पा रहे हैं। सूत्र का कहना है कि मंदिर के पहले चरण का काम भी पूरा होना है। दूसरे सुरक्षा आदि से जुड़ी तमाम तैयारियां शेष हैं। 22 जनवरी के समारोह को संपन्न करने के लिए तैयारियों में काफी तेजी लाई गई है। सूत्र का कहना है कि आगे के बारे में जनवरी के तीसरे सप्ताह में ही स्थिति साफ हो पाएगी।
लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा: 80 दिन से कम बचे लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा के लिए राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा ब्रह्मा की भूमिका निभा सकता है। लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में 80 दिन से भी कम समय बचे होने का अनुमान है। पिछले लोकसभा चुनाव की अधिसूचना 10 मार्च 2019 को जारी हुई थी। 07 चरणों में चुनाव हुए थे और 23 मई को नतीजे आए थे। हालांकि माना जा रहा है कि पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों के काफिले पर 14 फरवरी को आतंकी हमले तथा 26 फरवरी को उरी में सर्जिकल स्ट्राइक के कारण अधिसूचना जारी होने में थोड़ा समय लगा था। 2014 में यह अधिसूचना 05 मार्च 2014 को जारी हुई थी। चुनाव विश्लेषकों की मानें तो इस बार 4-8 मार्च तक अधिसूचना जारी हो सकती है। इस लिहाज से देश की राष्ट्रीय पार्टियों के पास लोकसभा चुनाव की तैयारी के बाबत बहुत कम समय बचा है। माना जा रहा है कि इस चुनाव में भाजपा ने हिंदुत्व के कार्ड के रूप में राम मंदिर निर्माण को भुनाना चाहती है। इसके बाबत राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा ने अपनी तैयारी को काफी तेज कर दिया है। राज्यों और केंद्र सरकार के नेताओं को भी इसके लिए पूरी तैयारी में युद्ध स्तर पर जुट जाने के लिए कहा जा रहा है। इसे केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को पूरे उत्साह से जुटने के लिए कहा है। आज 23 दिसंबर को गृहमंत्री अमित शाह ने भी पार्टी के नेताओं को 2024 के चुनाव में सफलता पाने के गुर सिखाए हैं।















