भिलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद सभी प्रत्याशी और पार्टी अपने अपने हार जीत का समीक्षा करने के लगे है की कहा से कितन वोट मिला और कटा है। ऐसे में दुर्ग जिला के छः विधानसभा चुनाव में डाक मतपत्र की जानकारी सामने आई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की शासकीय कर्मचारियों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी थी। यह कहना गलत नही होगा की प्रदेश में भाजपा की सरकार लाने में शासकीय कर्मचारियों की अहम भूमिका रही है।
इस नाराजगी की कई वजह हो सकती है तभी तो शासकीय कर्मचारियों द्वारा डाक मत पत्र के जरिए दिए गए वोट में कांग्रेस सरकार के खिलाफ वोटिंग हुई है। सरकारी कर्मचारियों की मांगे ना सुनना कांग्रेस सरकार को बहुत महंगा पड़ गया। इस बार तो किसानों ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया। दुर्ग जिला के छः विधानसभा क्षेत्र की बात करे तो यहां पर सिर्फ पाटन को छोड़ दे तो बाकी पांचों विधानसभा में डाक मत पत्र में भाजपा को जीत मिली है। सिर्फ पाटन से ही कांग्रेस को लीड मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग शहर से कांग्रेस प्रत्याशी अरूण वोरा को सिर्फ 833 वोट मिले वही भाजपा के गजेन्द्र यादव को 1255 वोट मिले है। दुर्ग ग्रामीण की बात करे तो गृहमंत्री रहे व कांग्रेस के प्रत्याशी ताम्रध्वज साहू को 613 जबकि भाजपा प्रत्याशी ललित चंद्राकर को 648 वोट मिले
है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पाटन से 591 और भाजपा के विजय बघेल को 411 वोट मिले।
अहिवारा क विधानसभा की बात करे तो कांग्रेस के निर्मल कोसरे को 372 व भाजपा के डोमनलाल कोर्सेवाडा को 458 वोट मिले। वैशालीनगर से भाजपा प्रत्याशी रिकेश सेन को 669 जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश चंद्राकर को 351 वोट मिले। मिलाई नगर से कांग्रेस के देवेन्द्र यादव को 408 और भाजपा के प्रेमप्रकाश पांडेय को 437 डाक मत पत्र से वोट मिले है।
डाकमत पत्र में 52 ने दिया नोटा को मत: मिली जानकारी अनुसार डाकमत पत्र 7329 वोटो में करीब 52 वोटरों ने नोटा का उपयोग किया है। उन्होने इनमें से किसी भी प्रत्याशी को वोट नही देकर नोटा दबाया है। इसमें दुर्ग शहर से दो, दुर्ग ग्रामीण से ग्यारह, पाटन से सात, अहिवारा से ग्यारह, वैशालीनगर से आठ और भिलाई नगर से तेरह लोग शामिल है। इस तरह 7329 डाकमत पत्र में बीजेपी को 3467 और कांग्रेस को 3168 वोट मिले है।















