मणिपुर के सबसे पुराने सशस्त्र समूह UNLF ने केंद्र के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ की…
मणिपुर (ए)। सबसे पुराने सशस्त्र उग्रवादी समूह यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF) ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने पर सहमति जताते हुए शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बुधवार (29 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह सब 60 साल बाद हो रहा है, जो बड़ी एक सफलता है।
मणिपुर सीएम सिंह ने कहा, ”शांति वार्ता के प्रयास सालों से किए जा रहे थे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही थी. यह हस्ताक्षर आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हुआ है. मैं प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देता हूं, जिन्होंने शांति लाने के लिए कड़ी मेहनत की।”
उन्होंने कहा, ”यूएनएलएफ के कैडर शांति के मार्ग पर चलने के लिए सहमत हुए हैं. मैं इसके लिए सदस्यों की सराहना करता हूं. मुझे उम्मीद है कि राज्य में उग्रवादी और हथियार उठाने वाले भी शांति का रास्ता अख्तियार करेंगे।”
मणिपुर में आर्म्स फोर्सेज स्पेशल पावर लागू है लेकिन इसको उन इलाकों से हटाने का काम भी लगातार किया जा रहा है जहां हालात अच्छे और शांत एरिया हैं. यह सब पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की वजह से पहली बार हो रहा है. मणिपुर में शांति लाने, विकास के साथ-साथ लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने यूएनएलएफ और उसके कैडर के लोगों की इस पहल की सराहना की है जोकि अपने मिलिटेंट मार्ग को छोड़कर ‘मैन स्ट्रीम’ में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले के बाद बड़ा फायदा उन युवाओं को भी होगा जोकि गलत रास्ते पर चले जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर में अब धीरे-धीरे शांति स्थापित हो रही है. बदलाव तेजी के साथ हो रहे हैं. पीएम मोदी के अलावा गृह मंत्री शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राज्य में शांति व्यवस्था कायम कराने को 24X7 मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष कुछ भी कह सकता है, वे इसके लिए ही विपक्ष में हैं. हम काम करते हैं और हम काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने 70 साल बाद क्या जादू बुना है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।















