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कुत्तों के आतंक से वार्ड 24 के रहवासी भयभीत: सुष्मिता डे थाना जाने वालो पर करवा देती है उल्टा एफआईआर, मेनका गांधी ने एसआई को ट्रांसफर और सस्पेंड करने की मेरे सामने दी धमकी: प्रार्थी सुरेंद्र सिंह

भिलाई। एक ओर जहां पुलिस और जिला प्रशासन चुनावी कार्य में व्यस्त है वही नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 24, हाउसिंग बोर्ड के रहवासी कुत्तो के आतंक से त्रस्त है। पीड़ितो ने कई बार शिकायत की है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई है। जामुल थाने में सुष्मिता डे के खिलाफ 15 से 20 मामले है जैसा कहा जाता है, 8 से 10 मामले रिसेंट में देख रहे है। पीड़ित के ऊपर कुत्तों ने ऐसा झपटा मारा है की अगर पड़ोस की महिला अगर डंडा लाकर नही दी होती तो चीड़ फाड़कर खा जाते। सुप्रीमकोर्ट ने हाल में एक आदेश दिया है की अगर पालतू कुत्ता कटता है तो प्रत्येक दांत पर 10 हजार रुपए का मुआवजा है साथ मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करे। उक्त बाते सोमवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेस व समाजसेवी विक्की शर्मा, पीड़ित सुरेंद्र सिंह और साथ ही एक दर्जन से अधिक उपस्थित पीड़ितो ने बताया।

आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आचार संहिता लगी हुई है और तमाम नेता अपने प्रणाम में परेशान है ऐसी परिस्थितियों में थानेदार थाने में मौजूद नहीं थे, पीड़ित के पैंट को फाड़ कर घटने को काटा है। पीड़ित पक्षकार किसी तरह अपना जान बचाकर किसी तरह परेशान होने के बाद थाना पहुंचा। वहा इसने प्रथम सूचना दी की मेरे साथ ऐसा ऐसा वाक्य हुआ है, सुष्मिता डे यहां जो कुत्ता है उसमे मुझे काटा है, मैं एफआईआर दर्ज करना चाहता हु, ये चर्चा शुरू की था की 10 मिनट में सुष्मिता डे पहुंची और अपना फोन निकाल कर सीधे मेनका गांधी को फोन लगा दी, पेटा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को। आप अगर जानवर के प्रति प्रेम रखती है तो मानव के प्रति भी रखे।

उन्होंने आगे बताया कि सुष्मिता डे थाना में मौजूद एसआई नरहर सिंह फोन पर बात करने को कही, मेनका गांधी का नाम ली, मेरे सामने एएसआई को ट्रांसफर और संस्पेंड करवाने की धमकी दी जिसके बाद एसआई नर्वस हो गए और दबाव में आकर मेरे विरुद्ध उस महिला ने एफआईआर दर्ज करवाया। पत्रकारवार्ता के दौरान विक्की शर्मा, सुरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन प्रसाद यादव, कमलजीत कौर, बलजीत कौर, मीना काला, कृष्णा लखोटिया, दीपिका शर्मा, शानू राय, संगीता सिंह, बल्लभ लखोटिया आदि पीड़ित और वार्डवासी मौजूद रहे।

वही इस मामले में जामुल थाना प्रभारी केशव राम कोसले ने कहा कि महिला के पैर में चोट लगी है इसलिए दोनो पक्ष के खिलाफ काउंटर किस दर्ज किया गया है।

प्रार्थी का प्रेस विज्ञप्ति, वीडियो और एफआईआर की प्रति…

 

 

मैं सुरेन्द्र सिंह आपको जो घटना हुई है उसके बारे में जानकारी इस प्रकार है, दिनांक 25.11.2023
को मैं समय दोपहर 2.30 बजे अपने निवास नंदनी रोड भिलाई से अपने मित्र मोहन यादव जो कि हाउसिंग बोर्ड क्रिकेट मैदान के पास वार्ड-25 में पल्सर गाड़ी लेकर गया था, उसी समय सुषमिता डे नामक महिला जो कि अपने साथ लगभग 8-10 कुत्ता पाल कर रखी है ने कुत्तो को अपने साथ लेकर खड़ी थी मैं उसी समय अपने मित्र मोहन यादव से मिलने जा रहा था कि इसी बीच सुषमिता डे ने कुत्तों को मुझे काटने सम्बंधी इसारा किया। जिससे सभी कुत्ते मुझे भोकने लगे जिससे भयभीत होकर गाड़ी खराकर अपना बचाव के लिये उनसे दूर हटने की कोशिश किया जिससे घबराकर अचानक मैं गिर पड़ा जिससे कुत्तो ने मुझे उल्टे पैर व सीधे पैर में काटा जिसकी मेरे द्वारा डाक्टरी जांच करायी गयी व पुलिस थाना जामुल में रिर्पोट धारा क्रमांक 336,289 के अर्न्तगत सुष्मिता डे पर लिखा गया, जिसके लिये मुझे थाने में काफी मसक्कत करने के बाद रिर्पोट दर्ज हुई। इस घटना की विडियों रिकार्डीग भी सीसी केमरे के माध्यम से प्राप्त कर लिया गया है, जिसकी रिकाडीग मेरे द्वारा थाना प्रभारी महोदय को दिखाने के बाद दर्ज हुई। मेरे विरूद्ध सुष्मिता डे ने मेनका गांधी को कॉल पुलिस अधिकारी नरहर सिंह को सुनाकर व दबाव बनाकर मेरे विरूद्ध पुलिस थाना में मेरे खिलाफ मार पीट करने व गाली गलौच करने सम्बंधी बयान देकर धारा 294,323 के अर्न्तगत रिर्पोट लिखायी है जबकि मेरे द्वारा ऐसा काई कार्य नही किया गया है जिसकी सीसी टीवी रिर्पोट में ऐसा कुछ नहीं दिख रहा है। मेरा कथन है कि मुझे इस महिला व उनके कुत्तों से कोई लेना देना नही है यदि आप किसी जानवर को या पालतु पशु को पालते है तो उसपर आपका नियंत्रण होना आवश्यक है जिससे कि वह किसी संभ्रात नागरिक को अपना शिकार ना बनाये क्योंकि यह महिला अपने आपको एनिमल एनजीओ बताकर कुत्तों से कटवाकर किस बात का बदला लेती है यह मेरी समझ से परे है। मैं जिनसे मिलने गया था मोहन यादव का कहना है कि यह महिला इस क्षेत्र में कैमरा लगाकर रखी है व कुत्तों की निगरानी करती है तथा आसपास के लोगों को जब यह कुत्ते काटते है तो उन्हे पालतु कुत्ता है ना कहकर घुमकड़ कुत्ते है कहती है और लोगों को इन कुत्तों के दहशत में रखती है, ये कुत्ते इस क्षेत्र में नये व्यक्ति को देखते ही उस पर हमला करते है जिससे इस क्षेत्र में कुत्ता काटने की घटना आम दिन जैसा हो गया है।
प्रार्थी (सुरेन्द्र सिंह)

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