कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि को पुराणों में अति पुष्यकरिणी माना गया है. इस तिथि में स्नान, दीपदान, व्रत और पूजन का विशेष महत्व होता है और इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है…
नईदिल्ली (ए)। कार्तिक पूर्णिमा पर 27 नवंबर को गंगा स्नान 26 नवंबर की दोपहर को 3:53 मिनट से लेकर 27 नवंबर दोपहर 2:45 मिनट तक किया जा सकेगा. वहीं सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो, 27 नवंबर को सुबह 05:05 – सुबह 05:58 तक का समय गंगा स्नान के लिए श्रेष्ठ है। हिंदू धर्म में प्रत्येक मास पूर्णिमा तिथि पड़ती है. इस तरह के पूरे वर्ष में 12 और अधिकमास में 13 पूर्णिमा होती है. सभी पूर्णिमा का अपना विशेष महत्व होता है. लेकिन कार्तिक महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा विशेष के साथ ही पवित्र और अधिक उत्तम मानी जाती है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन को लेकर कई मान्यताएं और पौराणिक कथाएं भी जुड़ी हैं. इस दिन नदी स्नान करने, दीपदान करने का विशेष महत्व है. वहीं पौराणिक कथाओं पर गौर करें तो ऐसा कहा जाता है कि, इसी तिथि को भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था और इसी दिन भगवान शिव के त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था।
इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा का पर्व आज सोमवार, 27 नवंबर 2023 को मनाया जा रहा है. पूर्णिमा तिथि की शुरुआत वैसे तो रविवार 26 नवंबर दोपहर 03:53 से हो चुकी थी, जिसका समापन 27 नवंबर दोपहर 02:45 पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा का स्नान, व्रत और पूजन आदि 27 नवंबर को ही करना मान्य होगा।
कार्तिक पूर्णिमा 2023 का महत्व
कार्तिक पूर्णिमा का महत्व सभी मास में अधिक इसलिए है क्योंकि, स्वयं नारायण जी द्वारा कहा गया है कि मासों में, ‘मैं कार्तिक मास’ हूं. इसके साथ ही कार्तिक मास को लेकर शास्त्रों में उल्लेख है कि स्वयं भगवान विष्णु ने ब्रह्मा जी को, इसके बाद ब्रह्मा जी ने नारद मुनि को और फिर नारद जी ने महाराज पृथु को कार्तिक मास के महात्म्य यानी महत्व के बारे में बताया था. कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के साथ ही त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि को भी पुराणों ने अति पुष्करिणी बताया गया है।
कार्तिक मास को लेकर शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के महत्व के बारे में बतलाया गया है. मान्यता है कि इस दिन किए गंगा स्नान से पूरे वर्षभर गंगा स्नान करने के समान फल की प्राप्ति होती है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से सारे पापकर्म मिट जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है. गंगा स्नान के साथ ही कार्तिक पूर्णिमा पर देव दीपावली मनाए जाने का भी महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि, इस दिन दीपावली मनाने देव धरतीलोक आते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा 2023 शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 12 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 29 मिनट से 12 बजकर 12 मिनट तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 01 बजकर 37 मिनट से 02 बजकर 20 मिनट तक
- अमृत काल: सुबह 11 बजकर 14 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 42 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 01 बजकर 35 मिनट से अगले दिन सुबह 06 बजकर 29 मिनट तक
मंत्र: गंगा गंगेति यो ब्रूयात, योजनानाम् शतैरपि।
मुच्यते सर्वपापेभ्यो, विष्णुलोके स गच्छति
ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नम:।।















