छठ पूजा में महिलाएं अपनी मांग सिंदूर से भरती है, लेकिन छठ पूजा के दौरान ये सिंदूर भरना कुछ अलग तरह का होता है. नाक से लेकर पूरी मांग भरी जाती है. आइये जानते हैं इसके पीछे की वजह…
पटना (ए)। छठ पूजा की शुरुआत 17 नवंबर से हो रही है. ये पर्व 4 दिन तक यानि 20 नवंबर तक चलेगा. छठ का पर्व कार्तिक मास की छठी तिथि को मनाया जाता है. छठ के दौरान महिलाएं अक्सर नाक से मांग तक सिंदूर लगाती हैं।
सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है. छठ पूजा के दौरान महिलाएं नाक से मांग तक सिंदूर लगाती है. ऐसा माना जाता है महिलाएं जितना लंबा सिंदूर लगाती हैं उनके पति की आयु ही लंबी होती है।
छठ का व्रत संतान के लिए रखा जाता है. लेकिन इस दिन महिलाएं अपनी संतान और पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं. लंबा सिंदूर पति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
सिंदूर माथे से शुरु होकर जितना लंबी मांग हो उतना लंबा भरा जाना चाहिए. ताकि सिंदूर सभी को दिखाई दे।
छठ पूजा के दौरान श्रृंगार का भी विशेष महत्व है. इस पूजा में जो महिलाएं व्रत करती हैं वो इस दिन पूरा श्रृंगार करती है. इस श्रृंगार के दौरान महिलाएं नाक से माथे तक पूरी मांग भरती हैं।
















