रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के दौरान विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा ‘कंप्लेंट मॉनिटरिंग सिस्टम’ सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले के मार्गदर्शन में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय नोडल अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। सॉफ्टवेयर संचालन के संबंध में आईटी विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। विभागीय नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि निर्वाचन के दौरान विभिन्न माध्यमों से मैन्युअली प्राप्त शिकायतों को डिजिटाइज्ड किया जाएगा साथ ही सी-विजिल अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को भी प्रिन्ट निकालकर डिजिटाइज्ड कर संबंधित विभाग के नोडल अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु ई-मेल भेजा जाएगा।
प्रशिक्षण में बताया गया कि नोडल अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों का समय-सीमा में त्वरित निराकरण करेंगे और इसकी जानकारी तत्काल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय को देंगे। प्रशिक्षण में अधिकारियों को निर्वाचन से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में सॉफ्टवेयर संचालन के तकनीकी पहलुओं के बारे में भी नोडल अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विपिन मांझी सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
निर्वाचन में कानून व्यवस्था बनाये रखने तेजी से हो रही प्रतिबंधात्मक कार्यवाही: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने विधानसभा निर्वाचन-2023 में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने निर्देशित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन की घोषणा के साथ ही जिलो में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाएं। निर्देशों में उल्लेखित है कि अवैध शराब भट्टी एवं कारखानों को उजागर कर प्रभावी कार्यवाही की जाए। साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा अवैध शस्त्र / हथियारों को जब्त करने, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत लाईसेंस शस्त्र को रखने पर पाबंदी लगाये जाने हेतु निषेधात्मक आदेश जारी किये जाने, शस्त्र एवं विस्फोटक के लाईसेंस धारियों की समीक्षा का आवश्यक कार्यवाही किये जाने , निर्वाचन की घोषणा के पश्चात नवीन शस्त्र लाईसेंस जारी किये जाने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य में आचार संहिता के प्रभावी होने के साथ ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहब कंगाले के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत लाइसेंस शस्त्र को रखने पर पाबंदी की गई है। 12495 लाइसेंसी हथियारों में 8807 जमा किये गये हैं। 3 जब्त किये गये हैं और 10 कैंसल किये गये हैं। आर्म्स एक्ट के अंतर्गत 1229 प्रकरण बनाये गये हैं और इसके अंतर्गत 1284 हथियार जब्त किये गये हैं। 54 लोगों को जिलाबदर किया गया है। एमवी एक्ट के अंतर्गत 3 लाख 64 हजार 86 प्रकरणों में 18 करोड़ 49 लाख 4 हजार 157 रुपए की कार्रवाई की गई है। प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत 1 लाख 34 हजार 206 प्रकरणों मे 1 लाख 81 हजार 527 व्यक्तियों पर कार्यवाही की गई है तथा 1 लाख 5 हजार 863 बाउंड ओवर किये गये हैं। आबकारी मामलों में 19 हजार 891 केस दर्ज किये गये हैं इसमें 1 लाख 29 हजार 48 लीटर की 5 करोड़ 28 लाख 85 हजार 758 रुपए की शराब जब्त की गई है।















