वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी आठ अक्टूबर को नई वायुसेना ध्वज का अनावरण करेंगे। एयरफोर्स की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि नए ध्वज में भारतीय वायुसेना के मूल्यों को बेहतर तरीके से दिखाया गया है…
नईदिल्ली (ए)। भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास में आठ अक्टूबर की तारीख काफी अहम साबित होने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी आठ अक्टूबर को एयरफोर्स के नए फ्लैग का अनावरण करेंगे। बता दें कि इससे पहले भारतीय नौसेना का झंडा भी बदला जा चुका है। भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा, नए झंडे के ऊपरी हिस्से में बदलाव होंगे। दाएं कोने में फ्लाई साइड की ओर वायु सेना क्रेस्ट को दर्शाया जाएगा।
ब्रिटिश सरकार के दौर में कैसा था वायुसेना का झंडा?
वायुसेना के अनुसार, इतिहास के पन्नों को पलटने पर रॉयल इंडियन एयर फोर्स (आरआईएएफ) की जानकारी मिलती है। उसके बाद वायुसेना के लोगो में ऊपरी हिस्से में अंग्रेजी हुकूमत की झलक मिलती थी। आजाद भारत के पहले इस्तेमाल होने वाले झंडे में बाएं कैंटन में यूनियन जैक (ब्रिटेन का झंडा) और फ्लाई साइड पर आरआईएएफ राउंडेल (लाल, सफेद और नीले रंग का इस्तेमाल) इस्तेमाल किया गया था।
आजादी के बाद बदला वायुसेना का झंडा
भारतीय वायुसेना ने अपने बयान में कहा कि 1947 में ब्रिटिश सल्तनत के भारत छोड़ने और देश की स्वतंत्रता के बाद, भारतीय वायु सेना का झंडा बदला गया। यूनियन जैक को भारतीय तिरंगे के साथ मिलाकर वायुसेना का फ्लैग तैयार हुआ। शाही वायु सेना यानी रॉयल एयरफोर्स (आरएएफ) राउंडल्स को निचले दाएं कैंटन में दिखाया गया। इसके अलावा तिरंगे का इस्तेमाल भी किया गया।
वैदिक और ऐतिहासिक बैकग्राउंड का जिक्र करते हुए वायुसेना ने बताया कि आदर्श वाक्य- नभ स्पर्शम दीप्तम श्रीमद्भगवदगीता के अध्याय 11 से लिया गया है। इस 24वें श्लोक का अर्थ है “उज्ज्वल तू स्वर्ग को छू सकता है।” दूसरे शब्दों में भारतीय वायु सेना के आदर्श वाक्य का अर्थ “गौरव के साथ आकाश को छूना” बताया जाता है।















