इस स्टेडियम में लगभग 30,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी और इसमें अर्धचंद्राकार छत कवर, त्रिशूल के आकार की फ्लडलाइट और बेल के पत्तों और डमरू जैसी संरचनाएं जैसे अद्वितीय डिजाइन तत्व होंगे। स्टेडियम के डिज़ाइन का उद्देश्य काशी के सार को कैद करना है, जिसमें दर्शक दीर्घा वाराणसी के घाटों की सीढ़ियों से मिलती जुलती है, स्टेडियम दिसंबर 2025 तक पूरा होने वाला है…
वाराणसी (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी दौरे पर पहुंच गए हैं. इस दौरान उन्होंने वाराणसी के गंजारी में पूर्वांचल के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी. प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद नरेंद्र मोदी का यह 31वां वाराणसी दौरा है. इस दौरान उन्होंने वाराणसी समेत पूरे प्रदेश को 1565 करोड़ से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात दी।
पीएम मोदी के इस कार्यक्रम में एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई. वहीं इस दौरान बीसीसीआई के चीफ रोजर बिन्नी समेत कई पूर्व क्रिकेटर मौजूद रहे. जिनमें क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर समेत 1983 विश्वकप विजेता टीम के रवि शास्त्री और सुनील गवास्कर और कपिल देव मौजूद रहे। इस मेगा इवेंट में स्टेज पर योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी, सचिन तेंदुलकर, BCCI सचिव जय शाह समेत अन्य क्रिकेटर्स मौजूद थे। इस दौरान तेंदुलकर ने नरेंद्र मोदी को ‘नमो’ नाम वाली टीम इंडिया की विशेष जर्सी गिफ्ट की। समारोह में पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर और कपिल देव भी मौजूद थे।
पूर्वांचल का सितारा बनेगा ये स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखने के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि महादेव की नगरी काशी में बनने जा रहे इस स्टेडियम का डिजाइन स्वयं महादेव को ही समर्पित किया गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में क्रिकेट मैचों की संख्या भी बढ़ने जा रही है, ऐसे में जब मैच बढ़ेंगे तो नए स्टेडियम की भी जरूरत भी होगी. इसके चलते यह स्टेडियम पूर्वांचल का सितारा बनकर उभरेगा।
पैदा होंगे रोजगार के अवसर पीएम मोदी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से काशी के लोगों को फायदा होगा. जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को खेल से जुड़ने का मौका मिलेगा.पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने खेलों को उनके करियर में जोड़ा है. खेलो इंडिया के बजट में पिछले साल के मुकाबले इस बार 70 फीसद तक बजट बढ़ा है।
छोटे-छोटे गांवों में खेलों के महारथी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के गांव-गांव में खेलों के महारथी मौजूद हैं, जिनको तराशना बेहद जरूरी है. देश के छोटे से छोटे गांव से निकलकर युवा पूरे विश्व में देश की शान बन रहे हैं. हमें इस टैलेंट का ज्यादा से ज्यादा अवसर देने और उन्हें निखारने की जरूरत है. खेलों इंडिया अभियान से आज देश के कोने-कोने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है, जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए सरकार काम करेगी।

















