इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने चंद्रयान-3 मिशन में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है…
श्रीहरिकोटा (ए)। 15 अगस्त और 17 अगस्त को चंद्रयान-3 ने अपने लैंडर पोजिशन डिटेक्शन कैमरा का इस्तेमाल कर चंद्रमा की अद्भुत तस्वीरें लीं।मिशन चंद्रयान-3 में प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के बाद अब लैंडर खुद ही आगे की दूरी तय कर रहा है।
लैंडर मॉड्यूल की डीबूस्टिंग के बाद अब उसकी स्पीड पहले से और कम हो गई है, ताकि चांद पर उसकी सफल लैंडिंग कराई जा सके. अब लैंडर मॉड्यूल धीमी स्पीड के साथ चंद्रमा के थोड़ा और करीब पहुंच गया है।
लैंडर के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने और स्पेसक्राफ्ट के ऑर्बिट में 100 किमी x 30 किमी पहुंचने के बाद सॉफ्ट लैंडिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
अब विक्रम लैंडर को इस मिशन में करीब 100 किमी की ही दूरी तय करनी है. 17 अगस्त 2023 को लैंडर मॉड्यूल के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के ठीक बाद चांद की तस्वीरें भी ली गईं थी, जो इसरो ने ट्वीट कर शेयर की हैं।
चंद्रयान-3 की 23 अगस्त को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग की संभावना है. इसे 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था।
















