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छत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाई

शहरी गौठान में सब्जियों की खेती का बढ़ा रकबा, फाइटोराइट के पानी का सिंचाई में किया जा रहा है सदुपयोग..

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत आने वाले नवनिर्मित बस डिपो के समीप शहरी गौठान का निर्माण किया गया है! शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरुवा और बाड़ी की परिकल्पना को साकार करने के लिए निगम प्रशासन द्वारा गौठान को पारंपरिक रूप देने का भरसक प्रयास किया गया है! महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव तथा आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के प्रयासों से नित्य नए कार्य गौठान मे किए जा रहे हैं जिससे स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के साथ ही आमदनी मिल सके और वे सशक्त बन सके।


सब्जियों की खेती का बड़ा रकबा स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा सब्जियों की खेती की जा रही है! सब्जियों में टमाटर मिर्ची, मूली, पालक, गोभी, बैगन सहित फूलों की खेती एक क्षेत्रफल में की जा रही है, इन सब्जियों का विक्रय महिलाओं ने प्रारंभ कर दिया है! सब्जियों से होने वाले आए के बाद अब दूसरे बड़े क्षेत्रफल में भी नयन महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं शतरूपा, सीमा खरे, अनीता, ममता, बीसाहिन, खिलेश्वरी, गीता साहू ने सब्जियों की खेती करना प्रारंभ कर दिया है उन्होंने 35 क्यारी सब्जियों के लिए तैयार की है जिसमें छत्तीसगढ़ मे प्रचलित भाजी को भी तवज्जो दी जा रही है! महिलाओं ने बताया कि क्यारियों में टमाटर, मिर्ची, बैगन, प्याज, पालक, खट्टा भाजी, पटवा भाजी, चेच भाजी, बरबटी, मूली, जरी आदि की खेती की जावेगी! इसके अतिरिक्त फल एवं फूलों की खेती भी इस भूखंड पर की जाएगी जिसमें केला, नींबू, पपीता एवं गेंदा का फूल शामिल है! इसी परिसर में सामग्री एवं आवश्यक उपकरण को रखने के लिए अस्थाई तौर पर कक्ष का निर्माण किया गया है।


शेड निर्माण का कार्य 70% तक पूर्ण गौठान मे पशुओं को धूप एवं बारिश से बचाने के लिए शेड का निर्माण किया जा रहा है अवगत हो कि महापौर एवं भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने इसका भूमि पूजन किया था! भूमि पूजन के पश्चात इसका निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है, शेड का निर्माण कार्य लगभग 70% तक पूर्ण हो चुका है इस कार्य के लिए गौ सेवकों का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
सिंचाई के लिए फाइटोराइट सिस्टम का उपयोग नवीन बस डिपो के पीछे फाइटोराइट सिस्टम का निर्माण किया गया है, जिसमें पानी को जलीय पौधों के माध्यम से शुद्ध करने का कार्य किया जाता है अब इस पानी का उपयोग गौठान मे पौधों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है जिसके लिए पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है! नल कनेक्शन के 6 वाल्व परिसर में लगाए जा चुके हैं ताकि पूरा क्षेत्र सम्मिलित किया जा सके।


चीला, फरा जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी उपलब्ध गौठान के मुख्य द्वार के सामने महिलाओं द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसा जा रहा है जिसमें चीला, फरा, टमाटर चटनी, रोटी, दाल, सब्जी, मिर्ची भजिया, पालक भजिया एवं चाय का व्यवसाय किया जा रहा है! इस स्थल पर अस्थाई तौर पर ईट से व्यवसाय के लिए कक्ष बनाई जा रही है ताकि ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु में व्यंजन का लुफ्त उठाने वाले लोगों को परेशानी न हो! इसका भी कार्य तीव्र गति से जारी है!
अनुपयोगी वस्तुओं का भी इस्तेमाल कर बना रहे उपयोगी गौठान में अनुपयोगी वस्तुओं का भी इस्तेमाल कर इसे उपयोग में लाया जा रहा है! गौठान में आने वाले गौ सेवक आदि के लिए पुराने पड़े हुए सीमेंट को पत्थर का आधार देकर बैठने के लिए बनाया गया है! खराब पड़े हुए कंटेनर को ठीक करा कर इसे पशुओं को चारा के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, अब पशुओं को चारा देने के लिए पात्र की भी कमी नहीं है! पशुओं के लिए चारा की भी पर्याप्त व्यवस्था है जिसमें पैरा कुट्टी, हरी सब्जियां, चोकर एवं समय-समय पर पोस्टिक आहार पशुओं को दिया जाता है।

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