रायपुर। खुफिया जानकारी के आधार पर मैसर्स ज्योति ट्रेडिंग एंड कंपनी, मेसर्स क्लिफो ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स
एस. एस. इंडस्ट्रीज और मेसर्स साई एंटरप्राइजेज, जो बिना किसी भी अंतर्निहित वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के नकली आईटीसी का लाभ उठाने और उपयोग करके जीएसटी की बड़े पैमाने पर चोरी में लगे हुए हैं के विरुद्ध फेक आई टी सी तथा अभियोजन सेल, सीजीएसटी रायपुर ने डिवीजन- बिलासपुर के अधिकारियों के साथ उपरोक्त फर्मों के परिसर में निवारक कार्रवाई की।
जांच से पता चला कि संजय शेंडे, जो उपरोक्त सभी चार फर्मों को नियंत्रित कर रहे हैं, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने में शामिल हैं। उन्होंने अस्तित्वहीन फर्मों के माध्यम से 10.14 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त किया और उसका उपयोग किया।
नई दिल्ली स्थित 22 अस्तित्वहीन तथा अकार्यशील फर्मों ने बिना किसी अंतर्निहित सामान और सेवाओं की आपूर्ति के नकली बिल तैयार किए हैं और मैसर्स ज्योति ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स क्लिफो ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स एस. एस. एंटरप्राइजेज और मेसर्स साई इंडस्ट्रीज को जारी किए। अभियुक्त ने उपरोक्त आधार पर अपने बाहरी जीएसटी दायित्व के भुगतान के लिए नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (किसी भी अंतर्निहित वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के बिना) का लाभ उठाया और उपयोग किया।
तदनुसार, संजय शेंडे को सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 69 (1) के प्रावधानों के तहत केंद्रीय जीएसटी टीम द्वारा 11.08.2023 को गिरफ्तार किया गया था और अदालत में पेश किया गया और माननीय सीजेएम अदालत ने आरोपी की 14 दिनों की हिरासत मंजूर कर ली है। पहले भी सीजीएसटी रायपुर ने कर चोरों के खिलाफ विशेष रूप से फर्जी बिलिंग के कारोबार में शामिल करदाताओं के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की है।









