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राजस्थान-महाराष्ट्र और गोवा के NDA सांसदों से पीएम मोदी ने की मुलाकात, कहा- हमें साथ मिलकर जनता की भलाई के लिए काम करना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों से मिल रहे हैं। 10 अगस्त तक चलने वाली इन बैठकों में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके लिए भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए एनडीए सांसदों के 10 समूह बनाए हैं…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार शाम को दिल्ली में राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा के 28 एनडीए सांसदों से मुलाकात की। बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और अर्जुन राम मेघवाल और बीजेपी के राष्ट्रीय जे.पी. नड्डा मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में तीनों पार्टियों को एक साथ काम करना होगा। विपक्षी दलों का गठबंधन ‘INDIA’ कुछ नहीं है, यह सिर्फ यूपीए का बदला हुआ नाम है। हमें साथ मिलकर जनता की भलाई के लिए काम करना होगा।

पीएम मोदी ने राजस्थान के सांसदों से कहा कि राजस्थान के चुनाव काफी अहम होने वाले हैं। सिर्फ राजस्थान के विकास के लिए ही नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए हमें राजस्थान में जीत दर्ज करनी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाना होगा। 

बीते बुधवार को की थी सात राज्यों के NDA सांसदों संग बैठक इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बीते बुधवार को एनडीए सांसदों के साथ अहम बैठक की थी। ये सांसद तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप से थे। बैठक पार्लियामेंट एनेक्सी भवन में हुई थी। बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि सांसद अपने क्षेत्रों में अपने काम का प्रचार करें। अपने नए कामों के बारें में लोगों को जागरूक करें। कॉल सेंटर्स की स्थापना कर अपने कामों का प्रचार करें। गरीब जनता तक अपनी पहुंच को बढ़ाएं। गरीब ही सबसे बड़ी जाति है। उनके लिए काम करने पर ही वोट मिलेंगे। बाकी किसी मुद्दे के आधार पर जनता आपको वोट नहीं देगी।

31 जुलाई से शुरू हुआ बैठकों का सिलसिला
प्रधानमंत्री मोदी ने 31 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के भाजपा व एनडीए सांसदों की बैठक की अध्यक्षता की थी। इस दौरान उन्होंने सभी सांसदों से जनता के बीच जाने और सरकार की कामों के बारे में बताने को कहा था। इस दौरान उन्होंने विपक्षी नेताओं के गठबंधन I.N.D.I.A. को लेकर कहा था कि विपक्ष ने सिर्फ चोला बदला है, चरित्र नहीं। चोला बदल लेने से चरित्र नहीं बदल जाता। यूपीए के चरित्र में कई दाग हैं, इसीलिए उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा है।

10 अगस्त तक चलेगी बैठक
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जुलाई से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों से मिल रहे हैं। 10 अगस्त तक चलने वाली इन बैठकों में 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके लिए भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक के लिए एनडीए सांसदों के 10 समूह बनाए हैं। 

भाजपा के संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के संसदीय दल की बैठक को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस’ खुद अविश्वास से भरा हुआ है। इसलिए अपने घटक दलों के विश्वास को परखने के लिए वह अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है। प्रधानमंत्री ने विपक्षी गठबंधन को ‘घमंडिया’ करार दिया और दिल्ली सेवा विधेयक पर मतदान में ‘सेमीफाइनल’ जीत के लिए पार्टी के राज्यसभा सदस्यों को बधाई दी।

संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पीएम मोदी के हवाले से कहा कि विपक्ष इस तथ्य के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव लाया कि सरकार के पास मजबूत बहुमत है, क्योंकि उसके सदस्य देखना चाहते थे कि वे एकजुट हैं या नहीं।

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