अब भारत की हार पर पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने अपनी भड़ास निकाली है. साथ ही पूर्व भारतीय गेंदबाज का ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है…
नईदिल्ली (ए)। वेस्टइंडीज ने 3 वनडे मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में टीम इंडिया को 6 विकेट से हरा दिया. इस तरह सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है. लेकिन भारतीय टीम बारबाडोस में जिस हारी, उसके बाद लगातार आलोचनाओं का शिकार हो रही है. कपिल देव समेत भारत के कई पूर्व खिलाड़ियों ने भारतीय क्रिकेट टीम की हार के बाद आड़े हाथों लिया. बहरहाल, अब भारत की हार पर पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने अपनी भड़ास निकाली है।
वेंकटेश प्रसाद ने टीम इंडिया की हार के बाद ट्वीट किया है. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा है कि पैसे और ताक़त के बावजूद हम सामान्य चीजों का जश्न मनाने वाले बन चुके हैं. हम एक चैंपियन टीम होने से बहुत दूर हैं. सारी टीम्स जीत के लिए खेलती हैं और भारत भी लेकिन इस वक्त में खराब प्रदर्शन के पीछे उनका तरीक और रवैया भी वजह है।
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि टेस्ट क्रिकेट के अलावा हमने वनडे और टी20 फॉर्मेट में निराश किया है, हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं. वह आगे लिखते हैं कि बांग्लादेश, साउथ अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया से वनडे सीरीज़ हार गए. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों से भारतीय टीम की तुलना की. बहरहाल, वेंकटेश प्रसाद का ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेटिंग बोर्ड है. बीते कुछ वक़्त से बोर्ड ने जमकर तरक्की की है. बोर्ड की तरक्की के साथ-साथ खिलाड़ियों की कमाई में भी अच्छा इज़ाफा हुआ. बोर्ड खिलाड़ियों को सालाना कॉन्ट्रेक्ट में करोड़ों रुपये देता है. वहीं पूर्व भारतीय दिग्गज और 1983 के वर्ल्ड कप विनिंग कप्तान कपिल देव ने भारतीय खिलाड़ियों को लताड़ लगाई है।
कपिल देव का मानना है कि ज़्यादा पैसा आने से खिलाड़ियों को घमंड आ जाता है. भारतीय टीम ने आखिरी बार 2013 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी. कपिल देव ने एक साक्षात्कार में कहा कि मेरे विचार में कभी-कभी ज़्यादा पैसा हो जाने से लोगों के अंदर घंमड आ जाता है और उन्हें लगने लगता है कि वो सब जानते हैं. इन खिलाड़ियों के बारे में अच्छी बात यह है कि ये बहुत आश्वस्त हैं।
कपिल देव ने कहा कि इन खिलाड़ियों बारे में निगेटिव बात ये है कि उन्हें लगता है कि उन्हें सब आता है. आपको किसी से कुछ भी पूछने की ज़रूरत नहीं है. एक एक्पीरियंस इंसान आपकी हेल्प कर सकता है. लेकिन ज़्यादा पैसे से अहंकार आ जाता है. इन क्रिकेटर्स को लगता कि वे सब जानते हैं और यही फर्क है. मुझे लगता है कि कई खिलाड़ियों को मदद की ज़रूरत है. सुनील गावस्कर मौजूद हैं, तो आप उनसे बात क्यों नहीं करते. इसमें किस काम का अहंकार।









