BREAKING

दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

शकुंतला विद्यालय में ‘वन महोत्सव’ और ‘पर्यावरण मित्र’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

भिलाई। पर्यावरण संरक्षण और वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ का भाव जगाने हेतु शकुन्तला विद्यालय, रामनगर भिलाई में ‘वन महोत्सव’ एवं ‘पर्यावरण मित्र’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘हरेली’ की बेला में राज्य के पारम्परिक परिधान में पंडवानी गीत तर्ज पर पधारे शकुन्तला ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर संजय ओझा एवं अन्य पहुना का स्वागत किया गया। गेडी-खेल व धान से सुसज्जित सूपा भेंट कर हरेली पर्व की शुभकामनाये दी गई।

‘तुलसा हेम रूपणीं’ के भाव से अतिथियों ने तुलसी पूजन किया और महत्वपूर्ण वनस्पतियों कपूर, रूद्राक्ष, स्वर्णचम्पा, हरश्रृंगार, जामुन, तेजपत्ता, रात की रानी के पौधे रोपे। जीवन में पेड़ो का महत्व व जुलाई माह की भूमिका समझाते हुए उपप्राचार्या जी रंजना कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा- हम सबको अपने अन्य दायित्वों के साथ नेचर के प्रति जो भूमिका है उससे कभी पीछे नहीं रहना चाहिए ताकि वर्तमान के संकट भविष्य में भयंकर रूप न ले।

छात्र समूह ने पेड़ो के उपकारों को वर्णित करते हुए मोहक गीत की प्रस्तुति दी। पलक एण्ड ग्रुप ने वृक्ष लगाओ, वृक्ष लगाओ गीत से पौधारोपण से लेकर विकास यात्रा की शानदार नृत्य से प्रस्तुति दी।

‘पर्यावरण मित्र’ खोजी प्रतियोगिता में अपने-अपने विंग में चयनित विद्यार्थियों हालिमा फातमा, लक्ष्मी जायसवाल एवं देवांश मण्डावे, आयुष कुमार साव प्रथम स्थान एवं वहीं, हर्षिता सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जैविक खेती व वर्मी कम्पोज के लाभ से परिचित कराते हुए खाद निर्माण की विधि दर्शायी गई। इस अवसर पर विद्यालय स्तर पर निर्मित चार क्लबो एस.आई.सी, हेरीटेज, इको और लिट्टेरी क्लब के सदस्यों को बैच लगाकर परिचय कराया गया।

इस कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए ग्रुप ऑफ स्कूल्स के डायरेक्टर संजय ओझा ने कहा-यदि हमारे समाज के छोटे-बड़े सभी अपने घर-ऑंगन मुहल्ले में एक-एक वृक्ष लगाएॅ और उनका संरक्षक की तरह देख-रेख करें तो आए दिन उठती प्राकृतिक उथल-पुथल से जीवन संकट से बचा जा सकता है, ‘जब धरती पहने पेड़ का गहना तब होगा सुख-शांति से रहना’ का जन-जन को संदेश दिया। हरित क्रांति को जागृत करने के लिए भी संदेश दिया गया।

Related Posts