रायपुर। विधानसभा चुनाव के महज कुछ महीने पहले कांग्रेस द्वारा प्रदेश अध्यक्ष बदले जाने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष मोहन मरकाम लगातार कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखर रहे। उन्होंने DMF समेत भूपेश सरकार के अनेक भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। इस भ्रष्टाचारी सरकार को यह पसंद नहीं आया और साज़िश करके उन्हें पद से हटाया गया है। यह निहायत ही अनुचित है। कांग्रेस के अंदर चल रही भयानक लड़ाई की पोल खुल चुकी है, कांग्रेस ने आदिवासी अध्यक्ष को यूज एंड थ्रो किया है।
कांग्रेस के भीतर नाम मात्र का भी आंतरिक लोकतंत्र नहीं बचा है। ख़तरनाक है यह। आदिवासी समाज का अपमान है। मरकाम जी कांग्रेस के संविधान के तहत प्राप्त अधिकार का उपयोग करते हुए पार्टी को चलाने का काम कर रहे थे। इस कारण वे दस जनपथ के निशाने पर थे।
कांग्रेस के संविधान के विरुद्ध प्रभारी ने पहले तो आदेश निकाल कर इन्हें अपमानित कर दबाने की कोशिश की, फिर भी अपने सम्मान के लिए मुखर रहे मरकाम जी झुके नहीं तो उन्हें इस तरह अपमानित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। यह निंदनीय है। कांग्रेस में अब मरकाम जी को रहना नहीं चाहिए। उन्हें छोड़ देनी चाहिये कांग्रेस।










