ग्लोबल साउथ में विकास के एजेंडे पर चर्चा के लिए जी-20 देशों के प्रतिनिधि काशी में जमा हुए हैं. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है…
नईदिल्ली (ए)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज सोमवार (12 जून) को G-20 देशों के डेवलपमेंट मिनिस्टर की बैठक हो रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रतिनिधियों का स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा, मैं ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ के सबसे पुराने जीवित शहर में आप सभी का स्वागत करता हूं. मुझे खुशी है कि जी-20 का विकास एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है।

पीएम ने आगे कहा, ग्लोबल साउथ के लिए विकास एक प्रमुख मुद्दा है. यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सतत विकास लक्ष्यों को पीछे न जाने दें. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न छूटे. ग्लोबल साउथ के देश वैश्विक कोविड महामारी से उत्पन्न व्यवधान से गंभीर रूप से प्रभावित थे और भू-राजनीतिक तनाव के कारण खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट ने एक और झटका दिया है. ऐसी परिस्थितियों में आप जो निर्णय लेते हैं उसका बहुत महत्व होता है।

उन्होंने कहा, काशी सदियों से ज्ञान, चर्चा, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र रही है. इसमें भारत की विविध विरासत का सार है और यह देश के सभी हिस्सों के लोगों के लिए रूपांतरण बिंदु के रूप में काम करता है. भारत में डिजिटलीकरण ने क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है. भारत भागीदार देशों के साथ अपने अनुभव साझा करने को इच्छुक है।

पीएम मोदी ने भारत की महिला शक्ति का भी जिक्र किया और कहा, भारत में, हम महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं हैं, महिलाएं विकास का नेतृत्व कर रहीं हैं. महिलाएं विकास का एजेंडा तय कर रही हैं और विकास और बदलाव की एजेंट भी हैं. मैं आपसे महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए गेम-चेंजिंग एक्शन प्लान अपनाने का आग्रह करता हूं।









