रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन ओपनिंग बल्लेबाजों में से एक हैं. रोहित शर्मा के पास अब खास क्लब में एंट्री हासिल करने का मौका है…
नईदिल्ली (ए)। इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच 7 जून से खेले जाने वाले डब्लूटीसी फाइनल में सभी की नज़रें विराट कोहली पर हैं. विराट कोहली वो गेम चेंजर खिलाड़ी हैं जिनकी एक पारी भारत को डब्लूटीसी चैंपियनशिप का खिताब दिला सकती है. इतना ही नहीं विराट कोहली के पास बड़ी पारी खेलकर इतिहास रचने का भी मौका है।
दरअसल, विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 रन बनाने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन सकते हैं. इस मुकाम को हासिल करने के लिए विराट कोहली को 21 रन बनाने की जरूरत है. विराट कोहली से पहले सचिन तेंदुलकर, लक्ष्मण, द्रविड़ और पुजारा वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से ज्यादा रन बनाए हैं।
इसी मुकाबले में विराट कोहली के पास एक और बड़ा मुकाम हासिल करने का मौका है. अगर विराट कोहली डब्लूटीसी फाइनल में 55 रन से ज्यादा की पारी खेलते हैं तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5000 से ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे. विराट कोहली से पहले सिर्फ सचिन तेंदुलकर ही इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में 5000 से ज्यादा रन बनाए हैं।
सचिन तेंदुलकर की फहरिस्त में खड़े हो जाएंगे रोहित शर्मा: रोहित शर्मा अगर इस मुकाबले में बल्ले से कमाल करने में कामयाब रहते हैं तो उनके पास वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के बेहद ही खास क्लब में पहुंचने का मौका है. इस मुकाम को हासिल करने के लिए रोहित शर्मा को महज 27 रन बनाने की जरूरत है।
दरअसल, सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग दो ही ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने बतौर ओपनर भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में 13000 से ज्यादा रन बनाए हैं. इस लिस्ट में पहले नंबर पर वीरेंद्र सहवाग हैं. वीरेंद्र सहवाग ने भारत की ओर से बतौर ओपनर सबसे ज्यादा 15758 रन बनाए हैं. सचिन तेंदुलकर इस लिस्ट में ज्यादा पीछे नहीं है. सचिन ने बतौर ओपनर 15335 रन बनाए हैं।
इस बेहद ही खास लिस्ट में तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा का नाम है. रोहित शर्मा ने अब तक बतौर ओपनर 12973 रन बनाए हैं. अब सचिन तेंदुलकर और सहवाग के क्लब में शामिल होने के लिए रोहित शर्मा को 27 रन और बनाने की जरूरत है. इंग्लैंड में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड जिस तरह का रहा है उसे देखते हुए यह माना जा सकता है कि ओवल में रोहित शर्मा इस खास लिस्ट का हिस्सा बनने में कामयाब हो जाएंगे।
रोहित शर्मा के पास महेन्द्र सिंह धोनी और कपिल देव के खास क्लब मे शामिल होने का मौका: भारतीय टीम आखिरी बार आईसीसी ट्रॉफी साल 2013 में जीती थी. भारत ने इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था. उस वक्त टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी थे. बहरहाल, भारतीय क्रिकेट टीम तकरीबन 10 साल से कोई आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत सकी है. वहीं, टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा के पास महेन्द्र सिंह धोनी और कपिल देव जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल होने का मौका है. अगर भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने में कामयाब रहती है तो रोहित शर्मा बेहद खास फेहरिस्त में शामिल हो जाएंगे।
अब तक टीम इंडिया के महज 2 कप्तानों ने आईसीसी ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया है. पहली बार कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने साल 1983 का वर्ल्ड कप अपने नाम किया था. इसके तकरीबन 28 साल महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 का खिताब जीता. हालांकि, इससे पहले महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2007 अपने नाम कर चुकी है. जबकि महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में चैंपियन बनी। गौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड टेस्ट टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबला 7 जून से ओवल के मैदान पर खेला जाएगा।









