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गृह मंत्रालय का ऐतिहासिक फैसला, अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी तैयार होगा पेपर

सीएपीएफ में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है. अब कांस्टेबल भर्ती के लिए हिंदी-इग्लिश के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भी पेपर तैयार होंगे…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक फैसले के तहत गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ के लिए हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में कांस्टेबल परीक्षा आयोजित करने को मंज़ूरी दे दी है. ये  फैसला  गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर सीएपीएफ में स्थानीय युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए लिया गया है।

इस फैसले के मुताबिक,प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी के अलावा असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, ओडिया, उर्दू, पंजाबी, मणिपुरी और कोंकणी में तैयार किया जाएगा. इसके तहत लाखों उम्मीदवार अपनी मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा में भाग ले सकेंगे, जिससे उनके चयन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

हिन्दी- इंग्लिश के अलावा इन क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार होगा पेपर

  1. असमिया
  2. बंगाली
  3. गुजराती
  4. मराठी
  5. मलयालम
  6. कन्नड़
  7. तमिल
  8. तेलुगु
  9. ओडिया
  10. उर्दू
  11. पंजाबी
  12. मणिपुरी
  13. कोंकणी

मातृभाषा में परीक्षा देने के लिए मिलेगा प्रोत्साहन कांस्टेबल कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में से एक है, जिसमें देशभर से लाखों उम्मीदवार भाग लेते हैं. हिन्दी और अंग्रेजी के अतिरिक्त 13 क्षेत्रीय भाषाओं में परीक्षा का आयोजन 01 जनवरी, 2024 से होगा. इस फैसले के बाद ये उम्मीद है कि राज्य / केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारें स्थानीय युवाओं को अपनी मातृभाषा में परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

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