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जेल से बाहर आया अतीक अहमद: 700 किलो मीटर का सफर तय कर काफिला पहुंचा यूपी बॉर्डर के करीब, जानिए इस पूरे मामले से जुड़ी ये बड़ी बातें

अतीक अहमद आज शाम तक प्रयागराज पहुंचेगा, 28 मार्च को उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद की MP-MLA कोर्ट में फैसला सुनाया जाना है. अतीक को कानपुर वाले विकास दुबे की तरह एनकाउंटर का डर सता रहा है…

प्रयागराज (ए)। उत्तर प्रदेश पुलिस माफिया अतीक अहमद को साबरमती जेल से लेकर यूपी ले जा रही है. अतीक का काफिला एमपी-यूपी बॉर्डर के पास पहुंच गया है. रात साढ़े तीन बजे कोटा के पेट्रोल पंप पर थोड़ी देर के लिए काफिला रुका था. अतीक का काफिला मध्य प्रदेश के शिवपुरी से करीब 110 किलोमीटर दूरी पर है. राजस्थान के बारा से गुजर रहा है।

जेल से बाहर निकलने के बाद अतीक अहमद ने अपनी हत्या की आशंका जताई. अहमद को जब जेल से बाहर पुलिस वैन में ले जाया जा रहा था, तब उसने वहां मौजूद मीडिया से कहा, ‘हत्या, हत्या’. जब पत्रकारों ने पूछा कि उसे पुलिस वैन में ले जाया जा रहा है, तो उसे डर क्यों लग रहा है? इस पर अहमद ने कहा, ‘‘मुझे इनका प्रोग्राम (योजना) मालूम है… हत्या करना चाहते हैं।’’

अतीक जून 2019 से जेल में बंद है. अगर माफिया अतीक अहमद को दोषी करार दिया जाता है तो ये उसकी पहली सजा होगी क्योंकि तीन दशक तक माफिया बने रहने के बाद भी उसे कभी सजा नहीं सुनाई जा सकी है।

अदालत में किया जाएगा पेश

अधिकारियों ने बताया कि अतीक को एक अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जो 28 मार्च को अपहरण के एक मामले में आदेश पारित करने वाली है, जिसमें वह आरोपी है. अफसरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम सुबह साबरमती जेल पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम करीब छह बजे एक पुलिस वैन में अतीक को लेकर निकल गई. इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

जून 2019 से जेल में था बंद

समाजवादी पार्टी (सपा) का पूर्व सांसद अतीक जून 2019 से साबरमती जेल में बंद है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अतीक अहमद को उसके गृह राज्य (उत्तर प्रदेश) से साबरमती जेल स्थानांतरित कर दिया गया था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य सुब्रत पाठक ने कहा था कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर अतीक अहमद का वाहन भी गैंगस्टर विकास दुबे की तरह पलट जाए।

विकास दुबे की घटना का किया जिक्र

सुब्रत पाठक ने एक मार्च को ट्वीट किया था, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा में उमेश पाल सहित पुलिस सुरक्षाकर्मी की हत्या सीधे उत्तर प्रदेश की सरकार पर हमला है, याद रखो जब विकास दुबे नहीं बचा, तो इन दुर्दांतों का क्या होगा यह बताने की आवश्यकता नहीं है, अब यदि गाड़ी अतीक की भी पलट जाए, तो मुझे कोई आश्चर्य नहीं होगा।’’

पूर्व सीएम अखिलेश ने भी जताई हादसे की आशंका

वहीं, रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि वाहन किस वक्त ‘पलटा’ और किसके कारण पलटा, इसे उपग्रह से ली गई तस्वीरों की मदद से देखा जा सकता है. अतीक अहमद पर भाजपा नेता की टिप्पणी के संबंध में सवाल करने पर लखनऊ में अखिलेश ने कहा, “उन्हें मुख्यमंत्री ने फोन करके बता दिया होगा कि इस जगह पर गाड़ी पलट दो और मैंने उस समय भी कहा था कि जिस समय आप गूगल और अमेरिका से मदद ले लेंगे, आपको पता चल जाएगा कि किस जगह गाड़ी पलटी और किसने पलटी. ये सब डॉक्यूमेंट (दस्तावेज) सैटेलाइट (उपग्रह) में रहेगा और यह रिकॉर्ड कहीं नहीं जा रहा है, यह गलती मत करना।”

इस पूरे मामले से जुड़ी बड़ी बातें-

1- उमेश पाल हत्याकांड के मामले में अतीक अहमद से पूछताछ होनी है. वो साबरमती जेल में साल 2019 से बंद है. माफिया डॉन अतीक अहमद को वापस लाने के लिए यूपी पुलिस ने कागजी प्रक्रियाओं को पूरा कराया गया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी पुलिस की 45 सदस्यीय टीम अतीक को प्रयागराज लाने के लिए आवश्यक अदालती दस्तावेजों के साथ अहमदाबाद पहुंची है।

2- साल 2006 के उमेश पाल अपहरण केस में अतीक अहमद के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला आना है. इसी मामले को लेकर यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीम साबरमती जेल पहुंची है. 28 मार्च को प्रयागराज के एमपी एमएलए कोर्ट में फैसला सुनाए जाने के दौरान अतीक अहमद को पेश किया जाना है।

3- गुजरात जेल को इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज ने चिट्ठी लिखी है. इसके आधार पर ही अतीक अहमद को उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है. इस चिट्ठी में न्यायाधीश ने अतीक को कोर्ट में पेशी के लिए साबरमती जेल को जरूरी कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि इसमें कोई त्रुटि न हो।

4- वहीं, इस मामले पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान भी बयान सामने आया है. डीजीपी ने अतीक अहमद की गाड़ी पलटने को लेकर बड़ा जवाब देते हुए कहा कि हमारी गाड़ियां नहीं पलटतीं बल्कि केवल अपराधी पलटता है. साथ ही डीजीपी ने कहा कि माफिया अतीक अहमद को गुजरात से यूपी इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि उसको एक पुराने मामले में कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।

5- इसके अलावा डीजीपी ने यूपी पुलिस की सख्ती का बड़ा दावा करते हुए कहा कि यूपी पुलिस जब जिसको चाहे अरेस्ट कर सकती है, कानून के कठघरे में खड़ा कर सकती है. डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आरोपी को हमें कब और कैसे गिरफ्तार करना है यह हमारी रणनीति का हिस्सा है. यूपी पुलिस की एनकांउटर प्रणाली को लेकर डीजीपी ने  कहा कि यह हमारी ट्रेनिंग है कि अगर हमारे ऊपर कोई गोली चलाएगा तो हम इसका जवाब गोली से ही देते हैं।

6- अतीक अहमद को यूपी लाए जाने पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने यूपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा, मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) ने अपने मंत्रियों को बता दिया होगा कि गाड़ी पलट जाएगी. तभी उनके मंत्री ऐसे बयान दे रहे हैं।

7- अखिलेश यादव ने अतीक अहमद की गाड़ी पलटने के मुद्दे पर कहा कि इस प्रकार का कोई प्रयास हमेशा रिकॉर्ड में रहता है. गूगल मैप और लोकेशन के जरिए गाड़ी पलटने की घटना के बारे में डेटा हासिल किया जा सकता है. चार-पांच साल बाद भी आप गूगल से अनुरोध कर इसे प्राप्त कर सकते हैं।

8- वहीं, इस मामले पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि गाड़ी पलटने की जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ की नहीं है. उन्होंने कहा है कि योगी आदित्यनाथ रोड इंस्पेक्टर नहीं हैं. जो ये आश्वासन दें कि जिस पुलिस वाहन से गैंगस्टर से नेता बने अतीक को लाया जा रहा है उसका हश्र वही नहीं होगा जो साल 2020 में विकास दुबे का हुआ था।

9- अतीक को लाने के लिए 45 पुलिसवालों की टीम साबरमती जेल पहुंची है. टीम का नेतृत्व डीसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं. अतीक को जिस काफिले में यूपी लाने की तैयारी है उसमें 6 गाड़ियां हैं. इनमें 2 वज्र वाहन भी शामिल हैं।

10- अतीक को प्रयागराज जेल में लाने से पहले सुरक्षा की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं. उसे हाई सिक्योरिटी बैरक के अंदर आइसोलेशन में रखा जाएगा. प्रयागराज जेल ऑफिस और जेल मुख्यालय पर वीडियो वॉल के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी. इसके अलावा तैनात कर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस होंगे. इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था अशरफ के लिए भी की गई है।

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