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RBI ने रेपो और रिवर्स रेपो रेट में की कटौती, पीएम मोदी बोले: यह बड़ा कदम,सबको मिलेगा मदद..

नईदिल्ली। दुनियाभर के तकरीबन सभी देश कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में हैं। इससे देश की इकॉनमी पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे समय में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया।

दास ने कहा कि आरबीआई ने रेपो रेट में 75 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की है। इसके बाद रेपो रेट 4.44 पर आ गया है। रिवर्स रेपो रेट में 90 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की गई है। दास की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे वक्त में हुई है, जब एक दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया था।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से देश के कई क्षेत्रों में असर पड़ा है। इकॉनमी को मजबूत बनाए रखने वाले हम निर्णय कर रहे हैं। आरबीआई ने कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) में 100 बेसिस प्वॉइंट की कटौती की है। इसके बाद यह तीन फीसदी पर आ गया है। वहीं, आरबीआई ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी टर्म लोन पर 3 महीने का मोरोटोरियंम लगा दिया है। ऐसे में डिफॉल्ट होने की स्थिति में कर्जदार की क्रेडिट हिस्ट्री में नहीं दिखेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना वायरस के संकट की वजह से इस बात की संभावना बढ़ रही है कि दुनिया का बड़ा हिस्सा मंदी की चपेट में आ जाए। दास ने कहा कि कच्चे तेल के दाम और मांग में कमी से मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति कम होगी। उन्होंने कहा,  ‘मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में कटौती के पक्ष में जबकि दो ने विरोध मे मतदान किया।’

उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने अनिश्चित आर्थिक माहौल को देखते हुए अगले साल के लिए आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति के बारे में अनुमान नहीं लगाया जा रहा है। दास ने आगे कहा कि मौजूदा स्थिति पर आरबीआई की कड़ी नजर बनी हुई है। नकदी बढ़ाने के लिए हर कदम उठाए जाएंगे।

इससे पहले गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पैकेज का ऐलान करते हुए बताया था कि गरीबों को तीन माह तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। वहीं, सरकारी कर्मचारियों को भी बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया कि ईपीएफ में पूरा योगदान सरकार देगी।

वित्त मंत्री ने कहा था कि गरीबों और मजदूरों को डायरेक्ट कैश ट्रांसफर होगा। केंद्र ने 3.5 करोड़ मजदूरों के लिए राहत का ऐलान करते हुए कहा कि इनकी राहत लिए 31000 करोड़ का फंड है। जो कामगारों पर खर्च होंगे वहीं, सरकार तीन महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी दोनों का भविष्य निधि योगदान जमा करेगी। इसके अलावा पीएफ फंड रेग्युलेशन में संशोधन किया जाएगा। जमा रकम का 75% या 3 महीने के वेतन में से जो भी कम होगा, उसे निकाल सकेंगे।

कोरोना संकट के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा की गई घोषणाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया आई है। कोरोना संकट में आरबीआई के राहतों के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि आरबीआई ने कोरोना वायरस के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है और इससे मिडिल क्लास को फायदा होगा। 

कोरोना वायारस से उपजे हालात के बीच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव से बचाने के लिए आज आरबीआई ने बड़े कदम उठाए हैं। घोषणाओं से तरलता में सुधार होगा, मध्यम वर्ग और व्यवसायों को मदद मिलेगी।

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