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सफलता का एक ही मंत्र है, अनुशासन और दृढ़संकल्प : प्रज्ञा मेश्राम…

भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस): वर्तमान में महिलाओं के ऊपर जो अपराध हो रहे है उसे देखते हुए लड़कियों को भावनाओ से ऊपर उठ करके जीवन मे एक अनुशासन बनाये जिससे उनके साथ होने वाले शारीरिक और मानसिक अहित होने से बच सके और जो स्वर्णिम समय मिला है उसे अपने भविष्य की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए लगाये थाना और कोर्ट के चक्कर मे न लगाए। यह बाते दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (आइसीयूडब्लू) श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम ने कही। सारनाथ एक्सप्रेस के साथ अपने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनने तक के सफर को इन्होंने साझा किया। एएसपी प्रज्ञा मेश्राम की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर जिला के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र बासागुड़ा ग्राम के आश्रम में हुआ था। माध्यमिक से लेकर हायरसेकंडरी तक कि बालोद के पिनकापार, टटेंगा एवं गुजराती स्कूल राजनादगांव में हुआ। वर्ष 2002 में इन्होंने कमला देवी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव से बायलॉजी में स्नातक किया। वर्ष 2004 में दिग्विजय महाविद्यालय राजनंदगांव से बायलॉजी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल किया। प्रोफेसर के लिए स्टेट लेबल पर होने वाली एलिबिजलिटी टेस्ट में भी इनका चयन हुआ था। वर्ष 2003 के सीजीपीएससी में इन्होंने प्री एग्जाम क़्वालिफाई किया लेकिन एमएससी करने के कारण उस एग्जाम में आगे ज्यादा ध्यान नही दे पाई लेकिन सेल्फ स्टडी की बदौलत बायलॉजी सब्जेक्ट में इन्होंने वर्ष 2005 के सीजीपीएससी में डीएसपी के लिए इनका चयन हुआ।अपने माता पिता को अपना आदर्श मानने वाली एएसपी मेश्राम को अनु. जाति/अनु. जनजाति के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2017 में पुरष्कृत किया गया था। महिलाओ के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए महिला आयोग द्वारा भी इन्हें पुरष्कृत किया जा चुका है। वर्ष 2007 में इन्होंने डीएसपी ज्वाइन किया। ट्रेनिंग के पश्चात इनकी पहली पोस्टिंग वर्ष 2010 में सरगुजा डीएसपी के पद पर हुआ जहां इन्होंने दो वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। जुलाई 2012 में इनका स्थानान्तरण डीएसपी बस्तर के लिए हुआ जहां इन्होंने दो वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। जुलाई 2014 में इनका स्थान्तरण  डीएसपी राजनांदगांव के लिए हुआ। राजनंदगांव में पदस्थ रहते हुए ही इनका वर्ष 2017 में प्रमोशन हुआ। इन्हें डीएसपी से एएसपी बनाया गया। सितम्बर 2018 से इन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग के पद की जिम्मेदारी सौपी गई है। जिसे ये जिम्मेदारी के साथ निभा रही है।महिलाओ के लिए इनका संदेश है कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के ऊपर होने वाले अपराध का ग्राफ ऊपर जा रहा है जिसके लिए विशेषकर लड़कियों से मेरी अपील है कि वह अनावश्यक की चीज़ों में न पड़कर अपने माता पिता की अपेक्षाओं और खुद के दिये गए टारगेट को प्राप्त करने हेतु कड़ी मेहनत, समर्पण एवं कटिबद्ध होकर मेहनत करे। महिलाये घर परिवार में उत्पन्न होने वाली उच-नीच पर संतुलन बनाये रखने हेतु प्रयासरत रहे। परीक्षा के तैयारी करने वालो के लिए हुए एक ही शब्द कहना है कि सफलता का एक ही मन्त्र है अनुशासन और दृढ़संकल्प।

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