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एक सही समय में की गई पढ़ाई इंसान को आगे ले जाती है : सुरभि पाण्डेय

रायपुर (सरनाथ एक्सप्रेस)आज मैं जो कुछ भी हु वो मेरी मम्मी, मेरी बड़ी बहन और मेरी बड़ी बेटी के बदौलत हु। पढ़ाई के शुरुआती समय से ही आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हु। यह सब बातें भारत माता हायरसेकंडरी स्कूल रायपुर की टीचर सुरभि पांडेय ने सारनाथ एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपनी प्रारंभिक व हायरसेकंडरी तक कि शिक्षा शासकीय दानी हायरसेकंडरी स्कूल रायपुर से प्राप्त की है। वर्ष 2007 में इन्होंने महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय अब आट्र्स में स्नातक की डिग्री हासिल किया। वर्ष 2009 में इन्होंने कोटा विश्वविद्यालय से आट्र्स में ही स्नातकोत्तर की डिग्री ली। श्रीराम संगीत विश्विद्यालय बूढ़ापारा रायपुर से डांस और क्लासिकल कत्थक में डिप्लोमा किया है। इन्होंने पीजीडीसीए, बीसीए, कुकिंग में भी डिग्री हासिल किया है। हाल ही में इन्होंने सीटीईटी की  परीक्षा में सफलता पाई है। सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, मंदिर हसौद से बीएड फायनल ईयर में अध्यनरत है। स्कूल में इन्हें कई बार बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड भी मिल चुका है ये कल्चर सेकेट्री भी रही। पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने रायपुर मशीन टूल्स में करीब दो वर्षों तक काम किया। अपने स्कूल व कॉलेज में हमेशा टॉप रहने वाली सुरभि पांडेय ने आईएएस की तैयारी की और अपने पहले ही प्रयास में प्री एग्जाम क्लीयर की लेकिन उसी वक्त इनका विवाह हो गया जिस वजह से इन्हें सूरत (गुजरात) जाना पड़ा। सूरत में इन्होंने कई स्कुलो में अपनी सेवाएं दी। अरिहंत एकेडमी में इन्हें लगातार दो वर्षों तक बेस्ट टीचर का आवर्ड मिला। डांस, गाना और कुकिंग में विशेष रुचि रखने वाली  सुरभि पांडेय अपनी मम्मी को अपना आदर्श मानती है। इनका कहना है कि आज जो भी मैं हु वो मेरी मम्मी की सपोर्ट की वहज से है।महिलाओ के लिए इनका कहना है कि महिलाओं के घर में या ससुराल में स्तिथि जैसी भी हो उन्हें सेल्फ डिपेंड बनना चाहिए। अपना आत्म विश्वास व सम्मान बनाये रखने रखने के लिए सेल्फ  डिपेंड होना आवश्यक है क्योंकि मुश्किलें कभी बता कर नही आती। जो लोग महिलाओं को कमजोर समझते है उनको पता होना चाहिए कि महिला अपने पति के प्राण यमराज से वापस ला सकती है तो वह कुछ भी कर सकती है। अगर हम सोच ले कि यह करना है तो सफलता पाने से हमे कोई रोक नही सकता, हममें इतनी ताकत है कि हम नदियों की रुख मोड़ सकती है। हमे अपने बच्चों को शिक्षित बनाये। शिक्षा ही सफलता की सीढ़ी है। एक सही समय मे की गई पढ़ाई इंसान को आगे ले जाती है। लड़कियों को जरूर शिक्षित करे ताकि एक साथ चार पीढिय़ो का उद्धार होगा। हाल ही बीटीआई ग्राउंड शंकरनगर रायपुर में आयोजित स्वदेशी मेला के आयोजन में डांस प्रतियोगिता में इन्हें जज बनाया गया था।

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