फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन होती है और अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है, उदयातिथि के अनुसार 07 मार्च को होलिका दहन होगी और अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाएगा…
नईदिल्ली (ए)। होलिका दहन फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन किया जाता है. फाल्गुन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि 06 मार्च शाम 06:17 पर शुरू हो चुकी है, जिसका समापन 07 मार्च शाम 06:09 पर होगा. इसलिए कई जगहों पर 06 मार्च की अर्धरात्रि को होलिका दहन किया जाएगा. क्योंकि 06 मार्च को प्रदोष काल भद्रा से व्याप्त है और भद्रा निशीथ (अर्धरात्रि) से 07 मार्च को तड़के 5 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो रही है. वहीं देश के अधिकांश हिस्से में 07 मार्च को भी होलिका दहन होगी. 07 मार्च को होलिका दहन के लिए शाम 06:31 से रात 08:58 का समय शुभ रहेगा।
जब होली जले तब बोले ये मंत्र
होलिका दहन के समय होलिका की अग्नि में सामग्रियों को डालते समय इस मंत्र को बोलें-
‘अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्।‘
होली के दिन इन 5 चीजों की करें खरीदारी, चमक जाएगी किस्मत
बताशे: बताशे खरीदने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
मखाने: होली दिन मखाना खरीदे. मान्यता है कि, जिस तरह जल से मखाने की उत्पत्ति होती है उसी तरह लक्ष्मी जी की भी उत्पत्ति समुद्र से हुई है.
मिट्टी की सुराही: होली के दिन मिट्टी की सुराही खरीदकर इसे ईशाण कोण में रखें. इससे धन-समृद्धि में वृद्धि होती है.
नारियल: होली से पहले नारियल खरीदें और इसे होलिका की अग्नि में डाल दें. इससे बाधाएं दूर होती है.
शंख: होली के दिन मोती शंख खरीदकर घर पर रखें. इससे धन-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है।
होलिका दहन पर जरूर करें ये 5 काम, दूर होगी सारी परेशानी
- होलिका दहन की रात एक शंख में गंगाजल भरकर अपने पूजा स्थल में रख दें और अगले दिन सुबह अपने पूरे घर में इस गंगाजल का छिड़काव करें.
- होलिका दहन वाले दिन सुबह 108 मखानों की एक माला बनाकर लक्ष्मी जी के मंदिर में जाकर चढ़ाएं.
- होली के दिन सवा किलो चावल की खीर बनाकर कुष्ठाश्रम में दान करें.
- होलिका दहन के समय एक सूखे गोले में बूरा भरकर उसे जलती हुई होलिका की अग्नि में रख दें.
- होलिका दहन के समय धन प्राप्ति की कामना करते हुए सफेद रंग की मिठाई जलती हुई अग्नि में रख दें।
सुखी वैवाहिक जीवन के लिए होलिका दहन की अग्नि में डालें ये चीज
पति-पत्नी के रिश्ते में मनमुटाव चल रहा है तो इसके लिए घी में 108 बाती को भिगोएं और इसे एक-एक कर परिक्रमा करते हुए होलिका की अग्नि में डालें. इससे दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।
होलिका दहन पर राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय
होलाष्टक फाल्गुन पूर्णिमा पर खत्म होते हैं. होलाष्टक के 8 दिनों में आठ ग्रह उग्र रहते हैं. जिसमें 7 मार्च 2023 को फाल्गुन पूर्णिमा पर पाप ग्रह राहु उग्र रहेगा. राहु के दूषित होने पर व्यक्ति के सेहत, वाणी पर बुरा असर पड़ता है. बनते काम बिगड़ जाते हैं. संबंधों में खटास आ जाती है. ऐसे में राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए होलिका दहन पर शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक लगाकर महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें, गाय को हरा चारा खिलाएं. गणपति को दूर्वा चढ़ाएं. इससे राहु के दुष्प्रभाव में कमी आएगी।
6 मार्च को भद्रा काल शाम 4.18 मिनट से शुरू होगा. शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा के साथ भद्रा हो तो पूर्णिमा के रहते हुए पुच्छ काल में यानी भद्रा के आखिरी समय में होलिका दहन कर सकते हैं. पूर्णिमा तिथि के साथ भद्रा का पुच्छ काल 6 और 7 मार्च की दरमियानी रात 12.40 से 2 बजे तक रहेगा. इस दौरान होलिका दहन किया जा सकता है, हालांकि भद्रा में होलिका पूजन नहीं करते ऐसे में पूजा के लिए आज शाम 6.24 से 6.48 मिनट तक का शुभ मुहूर्त है।
होलिका दहन की राख के टोटके
परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटाव है,घर की सुख-शांति भंग हो गई है तो होलिका दहन के अगले दिन प्रात: काल थोड़ी सी राख को घर के हर कोने में छिड़क दें. ये उपाय सुबह ही करें, कोई देख न पाए. मान्यता है इससे गृहक्लेश दूर होते है. परिवार में खुशहाली आती है।
होलिका दहन पर न करें इन पेड़ों की लकड़ियों का इस्तेमाल
सनातन धर्म में कई पेड़ जैसे बरगद, पीपल, आंवला, अशोक, शमी, नीम, आम, केला और बेल को पूजनीय माना जाता है. इनकी लकड़ियों का प्रयोग यज्ञ, अनुष्ठान आदि शुभ कार्यों के लिए किया जाता है. ऐसे में होलिका दहन के लिए इन पेड़ों की लकड़ियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इससे पितृ और कालसर्प दोष लगता है।
5 अद्भुत योग में होगा होलिका दहन
इस बार होली पर गुरु अपनी राशि मीन और शनि स्वराशि कुंभ में विराजमान है. वहीं शुक्र उच्च राशि मीन में स्थिति में है. 6 मार्च को होलिका दहन पर केदार, हंस, मालव्य, चतुष्चक्र और महाभाग्य नाम के पांच बड़े योग बन रहे हैं. सितारों के ऐसे दुर्लभ योग में होलिका दहन उत्तम फलदायी साबित होगा. मान्यता है कि इस योग में होलिका दहन से बीमारियों का नाश होता है, ये देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ रहेगा।
जानें आपके शहर में होलिका दहन का मुहूर्त
- उज्जैन – 12.40 AM- 05.56 AM (6-7 मार्च की दरमियानी रात)
- वाराणसी – 12.40 AM – 05.56 AM (6-7 मार्च की दरमियानी रात
- नई दिल्ली – 06.24 PM- 08.51 PM (7 मार्च 2023)
- मुंबई – 06.46 PM – 08.52 PM (7 मार्च 2023)
- जयपुर – 06.31 PM – 08.58 PM (7 मार्च 2023)
- कोलकाता – 05.42 PM – 06.09 PM (7 मार्च 2023)
- रांची – 05.54 PM – 06.09 PM (7 मार्च 2023)
- रायपुर – 06.10 PM – 08.36 PM (7 मार्च 2023)
- पटना – 05.54 PM – 06.09 PM (7 मार्च 2023)
















