त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव की मतगणना 2 मार्च को होगी, बीजेपी 2018 के चुनाव में त्रिपुरा में सत्ता में आई थी…
त्रिपुरा (ए)। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 के लिए आज गुरुवार 16 फरवरी को मतदान होना है. राज्य में 60 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में चुनाव होगा. इसके लिए चुनाव आयोग ने सभी तैयारियां कर ली हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पोलिंग बूथों पर पलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के हिसाब से सभी सीटों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई और ये प्रक्रिया शाम 4 बजे तक चलने वाली है। शाम 4 बजे तक जो मतदाता लाइन में लगा हुआ होगा उसे मतदान करने दिया जाएगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गीते ने बताया कि त्रिपुरा की अंतिम मतदाता सूची में 28,13,478 मतदाता हैं, जिनमें से 14,14,576 पुरुष, 13,98,825 महिलाएं और 77 किन्नर मतदाता हैं, यहां 10,344 सर्विस वोटर हैं. त्रिपुरा में वोटिंग करने से पहले मतदाताओं को पोलिंग बूथ जानकारी दे रहे हैं।
राज्य में 3,337 पोलिंग बूथ त्रिपुरा में 3 हजार तीन सौ सैंतीस पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. वोटर अपने पोलिंग बूथ को जानने के लिए कई तरीके अपना सकते हैं. उनमें तीन प्रमुख हैं. इसके लिए कुछ प्रक्रियाओं से होकर गुजरना होगा. पहली तो ये कि कोई भी मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप्प डाउनलोड करके अपने पोलिंग बूथ के बारे में जान सकता है. दूसरा, ये है कि https://voterportal.eci.gov.in/ इस वेबसाइट पर विजिट करके जानकारी मिल जाएगी. तीसरा, एक एसएमएस के माध्यम से भी इसकी जानकारी ली जा सकती है. एसएमएस करने के लिए ECIPS टाइप करके स्पेस देना है उसके बाद EPIC No लिखना है और इसको 1950 नंबर पर भेज देना है।
ये पार्टियां चुनावी मैदान में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में इस बार 6 पार्टियां चुनाव में हाथ आजमा रही हैं जिसमें बीजेपी, आईपीएफटी, कांग्रेस, सीपीआईएम, टीएमसी और टिपरा मोथा जैसी पार्टी शामिल हैं. इसमें बीजेपी और आईपीएफटी का गठबंठन है और कांग्रेस-सीपीआईएम का गठबंधन है।
त्रिपुरा की 60 विधानसभा सीटों के लिए गुरुवार 16 फरवरी को वोटिंग होगी और मतों की गिनती दो मार्च को होगी. मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) जी किरणकुमार दिनाकरो ने बताया कि 3,337 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे लोग वोट डालने पहुंचेंगे. इनमें से 1100 की पहचान संवेदनशील और 28 की पहचान अति संवेदनशील के रूप में की गई है।
त्रिपुरा में कुल 259 उम्मीदवार चुनावी दौड़ में हैं, जिनमें 20 महिलाएं हैं. बीजेपी 55 विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी (IPFT) ने छह सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं और एक सीट पर दोस्ताना मुकाबला होगा. सीपीएम (CPM) 47 सीट पर चुनाव लड़ रही है और इसकी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस 13 सीट पर चुनाव लड़ रही है. यह चुनावी मुकाबला बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन, माकपा-कांग्रेस गठबंधन और पूर्वोत्तर राज्य के पूर्व शाही परिवार के वंशज की तरफ से क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा के बीच है
सुरक्षा के कड़े इंतजाम निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए 31,000 मतदानकर्मी और केंद्रीय बलों के 25,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इसके अलावा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सशस्त्र पुलिस और राज्य पुलिस के 31,000 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा. एहतियाती तौर पर राज्य भर में पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और यह 17 फरवरी की सुबह छह बजे तक लागू रहेगी।
28 लाख मतदाता करेंगे 259 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला त्रिपुरा में कुल 13.53 लाख महिलाओं सहित 28.13 लाख मतदाता 259 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. उपद्रवियों को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं को भी सील कर दिया गया है।
बीजेपी में सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवार
- बीजेपी 55 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी ने छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, एक सीट पर दोस्ताना मुकाबला होगा।
- माकपा 47 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
- टिपरा मोथा ने 42 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि 58 निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
- राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी ने सबसे अधिक 12 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) जी. किरणकुमार दिनाकरो ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मतदान (Voting) कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक होगा. जानिए त्रिपुरा चुनाव के मतदान से जुड़ी बड़ी बातें…
1. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) जी. किरणकुमार दिनाकरो ने बताया कि 3,337 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे से मतदान होगा. जिनमें से 1100 की पहचान संवेदनशील और 28 की पहचान अति संवेदनशील के रूप में की गई है।
2. चुनाव में मुख्य रूप से बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन, माकपा-कांग्रेस गठबंधन और पूर्वोत्तर राज्य के पूर्व शाही परिवार के वंशज की ओर से गठित एक क्षेत्रीय पार्टी टिपरा मोथा हैं. वोटों की गिनती 2 मार्च को होगी।
3. सीईओ ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए 31,000 मतदानकर्मी और केंद्रीय बलों के 25,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए हैं. इसके अलावा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सशस्त्र पुलिस और राज्य पुलिस के 31,000 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
4. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एहतियाती उपायों के तहत राज्य भर में पहले ही निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और यह 17 फरवरी की सुबह छह बजे तक लागू रहेगी।
5. उपद्रवियों को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाओं को भी सील कर दिया गया है. कुल मिलाकर 13.53 लाख महिलाओं सहित 28.13 लाख मतदाता 259 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, जिनमें से 20 महिलाएं हैं।
6. राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा टाउन बारडोवली निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक बीजेपी के टिकट पर धनपुर से चुनाव लड़ रही हैं।
7. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी सबरूम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. वह वाम-कांग्रेस गठबंधन का चेहरा हैं. टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत देबबर्मा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
8. बीजेपी 55 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी ने छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, एक सीट पर दोस्ताना मुकाबला होगा. माकपा 47 सीटों पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
9. टिपरा मोथा ने 42 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने 28 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं जबकि 58 निर्दलीय उम्मीदवार हैं. राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी ने सबसे अधिक 12 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
10. चुनाव प्रचार के दौरान, बीजेपी (BJP) ने पिछले पांच वर्षों में पूर्वोत्तर राज्य में हुए विकास पर प्रकाश डाला, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने बीजेपी-आईपीएफटी सरकार के ‘कुशासन’ पर जोर दिया. टिपरा मोथा (TIPRA Motha) का चुनावी मुद्दा ग्रेटर टिपरालैंड राज्य की मांग है.















