रायपुर। प्रार्थी अशोक गिलहरे ने थाना मंदिर हसौद में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसका लड़का किशन गिलहरे ग्राम जुगेसर मंदिर हसौद में अपने मामा नारायण प्रसाद कोशले के घर करीबन एक माह पूर्व से रह रहा था, जो रोजी मजदूरी का काम करता था। दिनांक 03.11.20 को प्रार्थी का लड़का किशन गिलहरे भानसोज में रिस्तेदार के बेकरी दुकान में करीबन 01.00 बजे गया और शाम 5.00 बजे वहां से घर जाने निकला पर वह घर नहीं पहुंचा। तब प्रार्थी एवं अन्य लोग किशन गिलहरे का खोजबीन किये परंतु रात्रि में कोई पता नही चला। दिनांक 04.11.20 के प्रातः एक व्यक्ति ने प्रार्थी को बताया कि खम्हरिया जाने वाले रोड में एक गाड़ी जला है। प्रार्थी जाकर देखा तो एक्टिवा क्रमांक सी जी/04/एल एस/9192 जला था तथा इसी एक्टिवा वाहन को किशन गिलहरे लेकर निकला था। प्रार्थी आगे पीपरहट्ठा पीपरघाट तरफ जाकर देखा तो उसका लड़का किशन गिलहरे का शव अधजला मृत अवस्था में पडा था। कोई अज्ञात आरोपी प्रार्थी का लड़का किशन गिलहरे की हत्या कर लाश को जला दिया और एक्टिवा वाहन को दूसरे स्थान पर ले जाकर जला दिया। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना मंदिर हसौद में अपराध क्रमांक 376/20 धारा 302, 201, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
अज्ञात आरोपी द्वारा हत्या कर शव को जलाने की घटना को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक माना लालचंद मोहले एवं थाना प्रभारी मंदिर हसौद राजेन्द्र दीवान को अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल एवं थाना मंदिर हसौद की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया जाकर हत्या के सब पहलुओं को ध्यान में रखते हुये अज्ञात आरोपी के संबंध में पतासाजी करते हुये जानकारी जुटानी प्रारंभ की गई। टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ करते हुये आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ किया गया। चूंकि आरोपी बड़े ही शातिर किस्म के थे जो हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नियत से मृतक के शव एवं एक्टिवा वाहन को अलग – अलग स्थानों पर जलाये थे। अज्ञात आरोपी की पतासाजी के संबंध में मुखबीर लगाने के साथ ही तकनीकी विश्लेषण किया जाकर भी अज्ञात आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किये जा रहे थे। इसी दौरान लोगों से पूछताछ के आधार पर टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक किशन गिलहरे का पीपरहट्टा निवासी एक अपचारी बालक के साथ गाली-गलौच एवं विवाद हुआ था। जिस पर संदेह के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा अपचारी बालक से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर बार – बार अपना बयान बदल रहा था एवं टीम को लगातार गुमराह करने का प्रयास कर रहा था जिस पर टीम का शक अपचारी बालक के उपर और भी गहरा हो गया एवं प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर टीम के सदस्यों द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर अपचारी बालक अपने झूठ के सामने टिक न सका और अंततः अपने 04 अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की उक्त घटना को कारित करने के साथ ही मृतक के शव एवं एक्टिवा वाहन को जलाना स्वीकार किया गया। जिस पर घटना में शामिल आरोपी पूनम ठाकुर, प्रकाश निर्मलकर, राहुल वर्मा एवं एक अपचारी बालक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों/अपचारियों ने बताया कि घटना में शामिल एक अपचारी बालक का मृतक किशन गिलहरे से गाली-गलौच एवं विवाद हुआ था। जिस पर आरोपियों/ अपचारियों द्वारा मृतक किशन की हत्या करने की योजना बनायी गयी तथा आरोपियों/अपचारियों द्वारा मृतक पर लगातार नजर रखकर मौके की तलाश की जा रहीं थी। इसी दौरान दिनांक घटना को मौका पाकर पीपरहट्टा के सूनसान स्थान पर आरोपियों/अपचारियों ने मृतक किशन गिलहरे की चाकू मारकर हत्या कर शव को पेट्रोल डालकर जला दिये तथा मृतक की एक्टिवा वाहन को दूसरे स्थान पर ले जाकर जला दिये थे। आरोपियों/अपचारियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मृतक का माबाईल फोन एवं घटना में प्रयुक्त चाकू को जप्त किया गया है। आरोपियों/अपचारियों के विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी/अपचारी
- पूनम ठाकुर पिता लक्ष्मीनारायण ठाकुर उम्र 19 साल निवासी पीपरहट्टा मंदिर हसौद रायपुर।
- प्रकाश निर्मलकर पिता महेश निर्मलकर उम्र 19 साल निवासी तिगड्डा चैक भानसोज मंदिर हसौद रायपुर।
- राहुल वर्मा पिता पवन वर्मा उम्र 19 साल निवासी पीपरहट्टा मंदिर हसौद रायपुर।
- दो अपचारी बालक।
आरोपियों/अपचारियों को गिरफ्तार करने में निरीक्षक राजेन्द्र दीवान थाना प्रभारी मंदिर हसौद, सायबर सेल से आर. जसवंत सोनी, मोह0 राजिक, उपेन्द्र यादव, अनिल पाण्डेय, धनंजय गोस्वामी तथा थाना मंदिर हसौद से आर. पुरोहित कोसले एवं राजकुमार कोसले की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं।









