BREAKING

देश-दुनियाफीचर्डविविध

मोदी सरकार 2.0 का आखिरी पूर्ण बजट आज पेश करेंगी वित्त मंत्री सीतारमन, जानिए कितनी हैं इससे उम्मीदें?

वैसे तो आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 में पेश हुआ था, लेकिन बात अगर भारत के पहले बजट की करें तो इसकी शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी…

नईदिल्ली (ए)। देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार (1 फरवरी) को आम बजट 2023-24 पेश करने जा रही है. इस बजट से उद्योगपतियों के साथ-साथ आम लोगों को नरेंद्र मोदी सरकार से बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं और ये नरेंद्र मोदी 2.0 सरकार का ये आखिरी पूर्ण बजट होगा. पिछले 2 सालों की तरह इस बार का बजट भी पेपरलैस होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज कुछ घंटे बाद संसद में आम बजट पेश करेंगी. इस बजट का इंतजार हर कोई बेसब्री से कर रहा है. दुनियाभर में मचे आर्थिक तंगी के शोर और छंटनी के दौर में अलग-अलग वर्ग के लोग वित्त मंत्री से अलग-अलग तरह की उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

बजट 2023 को लेकर जनता की बढ़ती उम्मीदों के बीच देश के टॉप उद्योगपतियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए अपने सुझाव भी रखे हैं. अरिहंत इंफ्रास्ट्रक्चर के सीएमडी अशोक छाजेर ने एएनआई को बताया कि सरकार को होम लोन की दरों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा, सरकार को होम लोन की दरों को कम करना चाहिए. किफायती आवास खंड, जिसे 45 लाख रुपये पर कैप किया गया है उसे 60-75 लाख रुपये में बदला जाना चाहिए।

वहीं, हीरानंदानी ग्रुप के एमडी, निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि बजट में सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और नेशनल हाईवे के साथ-साथ झुग्गी पुनर्वास योजनाओं और निवेश पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट अगले 2-3 साल में सफल हो जाता है तो देश में हर चीज के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को 3-4 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

हेल्थ सेक्टर की उम्मीदें हेल्थ सेक्टर के लोगों को भी इस बजट से उम्मीदें हैं. उनकी एक उम्मीद ये भी है कि हेल्थकेयर के इन्फ्रास्ट्रक्चर के खर्च में वृद्धि की जाए. कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बजट 2021-2022 और 2022-2023 देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र पर केंद्रित रहा. बजट 2022-2023 के दौरान, केंद्र ने अपने बजट में नेशनल डिजिटल हेल्थ ईकोसिस्टम के लिए एक खुला मंच शुरू करने की घोषणा की।

इसके अलावा, सीतारमण ने नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के लॉन्च पर भी प्रकाश डाला जिसमें व्यक्तियों और परिवारों की मानसिक भलाई के लिए 23 टेलीसेंटर का नेटवर्क बनाना शामिल था. फोर्टिस हेल्थकेयर के सीईओ डॉ. आशुतोष रघुवंशी के मुताबिक, भारत चिकित्सा पर्यटन के लिए विश्व स्तर पर सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है और इसलिए, भारत में चिकित्सा मूल्य यात्रा को प्रोत्साहित करने एमवीटी को एक संगठित क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए नीतिगत समर्थन में वृद्धि की आवश्यकता है।

वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने हाल ही में बजट के लिए भारत सरकार को सुझाव प्रस्तुत किए हैं. आईएमए ने बजट के लिए कुल बारह सुझाव पेश किए हैं।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट को भी उम्मीदें बजट 2023-24 से इंडस्ट्री एक्सपर्ट और स्टेकहोल्डर्स को भी उम्मीदें हैं. दरअसल इन्हें भी सरकार से कई सुधारों और पहलों की उम्मीद है जो रियल एस्टेट बाजार को बढ़ावा देने और क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकते हैं. रियल एस्टेट डेवलपर्स और इनवेस्टर्स टैक्स ब्रेक और अन्य वित्तीय प्रोत्साहनों की उम्मीद कर रहे हैं जो नई परियोजनाओं के विकास की लागत को कम करने में मदद कर सकते हैं और उनके लिए अधिक लाभदायक बना सकते हैं. इस क्षेत्र में लोगों को अधिक निवेश को भी प्रोत्साहित कर सकता है और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

दूसरे देश में पेश हुआ था भारत का पहला बजट वैसे तो आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 में पेश हुआ था, लेकिन बात अगर भारत के पहले बजट की करें तो इसकी शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी. भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश ब्रिटेन में पास हुआ था. तब इसे फाइनेंस मेंबर जेम्स विल्सन ने पेश किया था।

केसी नियोगी को नहीं मिला कभी बजट पेश करने का मौका बात अगर आजाद भारत के बजट की करें तो अभी तक एक ही ऐसे वित्त मंत्री हुए हैं जो बजट पेश नहीं कर सके. वो वित्त मंत्री केसी नियोगी थे. वह अकेले ऐसे शख्स हैं जो वित्त मंत्री तो रहे लेकिन बजट पेश नहीं कर पाए. दरअसल, 1948 में वह महज 35 दिनों के लिए वित्त मंत्री के पद पर रहे. उनके बाद जॉन मथाई को भारत का तीसरे वित्त मंत्री बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने बजट पेश किया था।

इस वित्त मंत्री ने सबसे ज्यादा बार पेश किया बजट आपको जानकर हैरानी होगी कि आजाद भारत में सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है. मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में दस बार देश का बजट पेश किया है. इसमें आठ आम बजट और दो अंतरिम बजट शामिल हैं।

Related Posts