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पतञ्जलि योगशाला छावनी भिलाई में वसंत पंचमी के उपलक्ष्य पर यजुर्वेद-शतकम् पारायण महायज्ञ का अयोजन सम्पन्न

 

भिलाई। आर्य समाज सुपेला के मार्गदर्शन एवं सहयोग से पतञ्जलि योगशाला छावनी भिलाई में वसंत पंचमी के उपलक्ष्य पर यजुर्वेद-शतकम् पारायण महायज्ञ का अयोजन सम्पन्न हुआ। वैदिक प्रवक्ता एवं यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य मुकेश शास्त्री ने कहा- यज्ञ एवं सुकर्म करते हुए सौ वर्ष जीवन जीयें। समय का सदुपयोग करते हुए विद्वान् लोगों का सत्संग करना चाहिए जिससे परिवार सुखी और संपन्न रहे तथा आने वाली पीढ़ी को सुसंस्कारों से से युक्त किया जा सके। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि  विद्यार्थीयों को माता सरस्वती का आशीर्वाद तभी  प्राप्त होता है जब वह पूजा के साथ स्वयं अध्ययन भी करता है तथा गुरुजनों, बड़ों का की आज्ञा मानता है।

इसी प्रकार गायत्री परिवार के सदस्य मनशोखाराम सिन्हा ने कहा कि विद्यार्थी को ध्यान रखना चाहिए कि कलश का तात्पर्य- क से काली माता, ल से लक्ष्मीमाता स से सरस्वती माता। शक्ति, धन, विद्या की प्राप्ति  होते ही सर्वत्र पूजनीय हो जाते है। कार्यक्रम में आए आयुर्वेद एवं नाडी विशेषज्ञ डा. गणेश पाण्डेय जी ने आयुर्वेद पर बात रखी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य धन सबसे बड़ा धन है। ऋषि मुनियों के द्वारा सभी रोगों का निदान यज्ञ के माध्यम से भी होना बताया। वेदपाठी- आचार्य पीयूष शास्त्री, प. गोविंद शास्त्री, गणेश शास्त्री के मुखारविंद से वेद मंत्रों को सुनकर स्थानीय लोगों का हृदय प्रफूल्लित एवं आनंदित हुआ।

इस अवसर पर मेधावी छात्रो को पुरस्कार वितरण किया गया, विद्यार्थीयों को कॉपी, पेन प्रदान किया गया। आर्य समाज के मंत्री राजाराम प्रसाद ने कहा कि सारी दुनिया एक परिवार है यह भावना वेदों में पहले से वर्णित है हमें वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को आगे बढ़ाना होगा। आर्य सज्जन थनेन्द्र साहू ने आगंतुक सभी अतिथि विद्वानों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

अतिथि शैलेष सांघवी एवं राजीव रंजन शर्मा ने इस सुन्दर आयोजन के लिए आयोजकों की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम के सफल  आयोजन के लिए एवं वार्षिक कार्यक्रम तथा साप्ताहिक यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य राजेश शास्त्री ने मंच संचालन किया। उन्होंने इस उत्तम आयोजन के लिए आर्य समाज सुपेला को धन्यवाद एवं साधुवाद प्रदान किया। इस प्रकार कार्यक्रम भव्यता से संपन्न हुआ।

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