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आज 74वें गणतंत्र दिवस के उत्सव में सराबोर है पूरा देश: जानिए इस खास दिन से जुड़े रोचक किस्से?

भारत का 74 वां​ ​गणतंत्र दिवस आज है. यहां हम आपको बताने जा रहे हैं, इस दिन से जुड़े कुछ रोचक किस्सों के बारे में, आइए जानते हैं…

नईदिल्ली (ए)। आज हम सभी भारतवासी 74 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. 26 जनवरी साल 1950 को हमारे देश का संविधान लागू किया गया था. इस दिन देश ने अपने संविधान को अपनाया था और हम सबका प्यारा देश भारत गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ था. इस दिन को पूरी भव्यता और उत्साह के साथ सभी भारतवासी मनाते हैं. हर साल की तरह इस बार भी कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति की ओर से देश को सम्बोधित किया जाएगा. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के संबोधन के साथ ही सेना की अलग-अलग टुकड़ियां परेड निकालेंगी. इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां भी देखने को मिलेगी. आज हम आपको गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ रौचक किस्से बताने जा रहे हैं…

साल 1949 में 26 नवंबर को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था।

वर्ष 1950 में 26 जनवरी के दिन देश का संविधान लागू हुआ था।

26 जनवरी 1950 को पहली परेड में इंडोनेशिया के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ सुकर्णो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

आजाद भारत की पहली गणतंत्र दिवस की परेड साल 1950 में इरविन एम्फीथिएटर (मेजर ध्यानचंद स्टेडियम) में आयोजित हुई थी।

प्रथम गणतंत्र दिवस में करीब तीन हजार भारतीय सेना कर्मी व 100 से ज्यादा विमान शामिल हुए थे।

राजपथ (कर्तव्य पथ) पर पहली परेड साल 1955 में आयोजित की गई थी. जिसमें पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

444 लेखों के साथ 22 भागों में विभाजित, 12 अनुसूचियां और 118 संशोधन अब तक, भारतीय संविधान दुनिया में सबसे लंबा है।

डॉ. बीआर अंबेडकर ने संविधान की प्रारूप समिति का नेतृत्व किया था।

भारत की संविधान सभा का पहला सत्र 9 दिसंबर 1946 को आयोजित हुआ था।

1950-1954 से गणतंत्र दिवस परेड के स्थान लाल किला, नेशनल स्टेडियम, किंग्सवे और रामलीला मैदान थे. इसके बा वर्ष 1955 में ही राजपथ को स्थल के रूप में चुना गया था।

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